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Firozabad News: सपा के बिखरे वोट बैंक को मनोनयन के जरिए समेटने की हसरत

Wed, 28 Feb 2024 12:35 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट को एक बार फिर से हथियाने की कसरत में समाजवादी पार्टी जुट गई है। अपने परंपरागंत वोट बैंक के साथ रुठे नेताओं को मनाने में जुटी समाजवादी पार्टी जल्द ही एक नया दांव खेलने की तैयारी में हैं। खासतौर पर शहर के एक मुस्लिम नेता को मनोनयन के जरिए विधान परिषद में भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे मुस्लिम वोट बैंक को बिखरने से लोकसभा चुनाव में रोका जा सके और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई व राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को जीत दिलाई जा सके।फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर समाजवार्दी पार्टी अपने खोए हुए वजूद को हासिल करने के लिए जरूरी समीकरणों को धरातल पर उतारने में जुट गई हैं। इसी कवायद के चलते बिखरे कुनबा को समेटेने का काम किया जा रहा है। समाजवादी विचारधारा का चोला उतार चुके कई पुराने कद्दावरों को दोबारा समाजवादी झंडे के नीचे लाने की कोशिश जारी है। इन कोशिशों के बीच अब एक मुस्लिम नेता को दोबारा पार्टी में शामिल करने के साथ ही उसे विधान परिषद भेजने की तैयारी की जा चुकी है। इसी शर्तों के साथ उनकी घर वापसी भी की गई है।
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जानकारों के अनुसार कभी मुस्लिम समाज में अच्छी पैठ रखने वाले इन नेताजी के जरिए सपा अपने परंपरागंत वोट बैंक को सहेजने की जुगत में है। बीते दिनों नेताजी के आवास पर पहुंचे सपा मुखिया के ईदगिर्द बैठे सपाइयों के अनुसार नेताजी को लखनऊ भेजने का पूरा आश्वासन शीर्ष नेतृत्व ने दे दिया है। अब ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो भविष्य के गर्त में हैं, लेकिन पूरी मसले को लोकसभा चुनाव की तैयारी से जुड़ा माना जा रहा है।

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कभी तीन लाख मुस्लिम वोट पर सपा की सीधी नजर

जिले की पांच विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मुस्लिम फिरोजाबाद विधानसभा में है, इसमें करीब दो लाख वोट हैं। जबकि अन्य चार विधानसभा क्षेत्र में एक लाख वोट हैं। फिरोजाबाद में इन नेता के 15 से 20 हजार वोट काट देने से फिरोजाबाद के कई चुनाव में सपा को मुंह की खानी पड़ी।
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तब परिस्थिति कुछ और थी अब कुछ और

सपा से जुड़े कुछ बड़े जानकारों का कहना है कि सपा की जो टीम 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले थी, उस टीम से भी कई चर्चित चेहरे अब अलग थलग हैं। इसके अलावा सत्ता परिवर्तन का असर भी खासा है। कुछ नेताओं ने अब खुद की पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। सपा नेता व पार्षद कासिम सिद्दिकी इन नेताओं का कहना है कि जिन नेताओं ने महज अपने स्वार्थ के खातिर पार्टी को कई चुनाव में हराने का काम किया है, अब उन नेताओं को ही अगर पार्टी तवज्जों देगी तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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