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मैनपुरी नरसंहार: दोस्त के कहने पर रुक गया था दीपक, मां ने डांटा तो बोला सुबह आ जाऊंगा; जगने से पहले काट डाला

Sat, 24 Jun 2023 08:27 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

मैनपुरी नरसहांर: फिरोजाबाद का रहने वाला दीपक दोस्त के कहने पर उसके घर रुक गया था। रुकने पर मां ने डांटा तो बोला सुबह आ जाऊंगा। सुबह जगने से पहले उसकी हत्या कर दी। 
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मैनपुरी नरसहांर: दीपक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में नरसहांर में भुल्लन के दोस्त दीपक की भी हत्या कर दी गई। दीपक फिरोजाबाद का रहने वाला था। दोस्त के बुलाने पर उसके यहां शादी समारोह में भाग लेने पहुंचा था। दीपक का शव शनिवार शाम फिरोजाबाद लाया गया तो घर में चीख पुकार मच गई। 

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आईटीआई प्रशिक्षण काल में तीन साल पहले दोस्त बने मैनपुरी निवासी भुल्लन के घर गया दीपक भी कातिलाना हमले का शिकार हो गया। शनिवार की शाम को दीपक का शव घर पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। गमगीन माहौल में देर शाम को दीपक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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दीपक उपाध्याय (22) पुत्र विनोद उपाध्याय ने कोरोना काल में आईटीआई मैनपुरी से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। वर्तमान में दीपक थाना उत्तर क्षेत्र अंतर्गत नगला भाऊ पर कोरियर कंपनी चलाता था। वहीं आईटीआई प्रशिक्षण के दौरान ही दीपक की दोस्ती ग्राम गोकुलपुर जिला मैनपुरी निवासी भुल्लन से हो गई थी। 

थोड़े समय में ही गहरी दोस्ती हो जाने के कारण ही दीपक अपने दोस्त भुल्लन के छोटे भाई सोनू की शादी में भाग लेने 19 जून को मैनपुरी गया था। लेकिन शुक्रवार को भुल्लन के भाई शिववीर ने ही अपने परिजनों सहित दीपक की भी निर्मम हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन आनन-फानन में मैनपुरी रवाना हो गये थे। 

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शनिवार की शाम करीब तीन बजे दीपक का शव सरस्वती नगर स्थित आवास पर लाया गया। शव आते ही दीपक के घर पर आस-पड़ोसियों और रिश्तेदारों का तांता लग गया। दीपक के परिवार में उसके छोटे भाई बहनों और माता-पिता की करूण क्रंदन से माहौल बेहद गमगीन हो गया। महापौर कामिनी राठौर के प्रतिनिधि सुरेद्र राठौर व अन्य भाजपा नेताओं ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

आज लौटने वाले था दीपक, लेकिन पहुंचा शव

दीपक के पिता विनोद व मां आशा ने बताया कि उनकी आखिरी बार दीपक से शुक्रवार शाम को बात हुई थी। पिता से बात करने के बाद मां से दीपक बात करने लगा। दीपक की मां आशा उपाध्याय ने बताया कि कल शाम को उसने दीपक से घर आने को कहा था। मैंने कहा जब शादी हो गई तो फिर तू वहां क्यों रुका है, अब घर आ जा। अपना व्यापार देख। 

इस पर दीपक ने कहा था कि वह शनिवार को सुबह मैनपुरी से निकलेगा दोपहर तक घर आ जाएगा। लेकिन, उससे यह बात आखिरी बात साबित होगी यह अंदाजा नहीं था। रात में ही दीपक की हत्या कर दी गई। शनिवार दोपहर को दीपक नहीं बल्कि दीपक का लहुलूहान शव जरुर आ गया। शव के घर पहुंचते ही पूरा मोहल्ला जुट गया।

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