फिरोजाबाद में महज 500 रुपये के लिए दोस्त की रात के अंधेरे में हत्या करने वाले मूकबधिर आरोपी को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया है। जेल जाने के दौरान उसे हत्या का पछतावा भी हुआ। मूकबधिर ने इशारों से बताया कि रात के अंधेरे में शराब के नशे में उसने इस हत्याकांड को अंजाम दे डाला। हत्याकांड के पांच दिन बाद दिन के उजाले में जेल की सलाखों में जाने को मजबूर होना पड़ा।
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थाना उत्तर के बघेल काॅलोनी निवासी सोनू की शुक्रवार रात हत्या हुई थी। उसका शव शनिवार सुबह घर से 500 मीटर दूर खाली प्लॉट में पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। कैमरों की मदद से शक के घेरे में आए मृतक के दोस्त बघेल काॅलोनी निवासी राजकुमार को हिरासत में लिया गया।
सीओ सिटी अरुण कुमार चौरसिया के नेतृत्व में काम कर रहीं पुलिस टीम ने बीएसए की मदद से मूकबधिर अनुवादक शिक्षक को बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस की ओर से शिक्षक ने प्रश्न किए जिनका उत्तर आरोपी ने दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब पीने के बाद 500 रुपये के लिए उसका विवाद हुआ था। जिसमें उसके हाथों से भूलवश उसके दोस्त की गला दबाकर हत्या हो गई।
गुनाह छिपाने के लिए उसने चाकू से धड़ से गर्दन अलग की। फिर बाल हटाकर सिर में आग लगा दी थी। शिक्षक की मदद से ही पूरा मामला खुल सका है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चाकू, कपड़े व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी राजेश पांडेय, सर्विलांस प्रभारी अमित तोमर, एसआई गौरव वर्मा, विधानचंद्र, सागर शामिल रहे।
छह साल से थी दोस्ती, किराए के मकान में साथ रहते थे दोनों
आरोपी राजकुमार ने अनुवादक की मदद से पुलिस को बताया कि सोनू और उसकी पिछले छह साल से दोस्ती थी। दोनों करीब दो साल पहले एक ही मकान में किराए पर रहते थे। बेलदारी करने भी साथ ही जाते थे। इसके बाद आरोपी ने अपना मकान सोनू के मकान से करीब 200 मीटर दूर बना लिया था।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने सोनू हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मूकबधिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल व अन्य सामान बरामद किया है। 500 रुपये जेब से निकाल लेने पर हत्या की गई थी।