जसराना। फसल की बुवाई के लिए किसानों को डीएपी की आवश्यकता है। लेकिन किसानों को साधन सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। डीएपी नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर डीएपी लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों को आलू, गेहूं, सरसों एवं लहसुन की बुबाई करनी है, जिसके लिए किसानों को डीएपी की आवश्यकता है। साधन सहकारी समितियों पर जहां डीएपी 1350 की मिलती है। वहीं खुले बाजार में किसानों को 1400 रुपये से 1600 रुपये तक की मिल रही है। साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं मिलने के कारण किसान या तो इंतजार कर रहे हैं या फिर महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। साधन सहकारी समिति पाढ़म पर रहने वाले विनोद कुमार एवं साधन सहकारी समिति जसराना खास के सचिव श्यामबाबू का कहना है कि बृहस्पतिवार को डीएपी खत्म हो गई है, आने पर वितरित की जाएगी।
दो महीने हैं महत्वपूर्ण
किसानों के हिसाब से अक्तूबर और नवंबर महत्वपूर्ण होते हैं। इन दिनों किसानों द्वारा अपने खेतों में आलू, सरसों, गेहूं एवं लहसुन के साथ अन्य फसलों की बुबाई करनी होती है। खेतों में फसलों की बुवाई के लिए डीएपी की आवश्यकता होती है। कृषि कार्य के लिए डीएपी और यूरिया खाद का समय पर मिलना जरूरी है।
नहीं मिल पा रही है डीएपी
दयापुर निवासी चोखेलाल ने बताया कि आलू की फसल के लिए डीएपी की आवश्यकता है। लेकिन साधन सहकारी समिति के चक्कर काटने के बाद भी डीएपी नहीं मिल रही है। अगर डीएपी नहीं मिली तो फसल का नुकसान होगा। वहीं कहा कि बाजार में अधिक कीमत में मिल रही है।
उनकी डीएपी कोई और ले गया
सेवापुर निवासी रामप्रकाश ने बताया कि वह साधन सहकारी समिति जसराना खास पर बृहस्पतिवार को डीएपी लेने आए थे। लेकिन नंबर आने के बावजूद उनकी बोरियों को कोई और ले गया। वहीं शुक्रवार को डीएपी लेने पहुंचे तो सचिव ने डीएपी खत्म होने की बात कह दी।