प्रापर्टी की खरीददारी के नियमों में एक और बड़ा बदलाव हो गया है। अब बैनामा कराने के लिए स्टांप भी चेक से खरीदने होंगे। निबंधन शुल्क जमा भले ही कैश में होगा लेकिन प्रापर्टी बेचने वाले को भुगतान किस खाते से किया गया है यह जानकारी देने के लिए खरीददार को निबंधन शुल्क के साथ अपना बैंक स्टेटमेंट भी लगाना होगा।
नए नियमों और नोटबंदी ने बैनामा का ग्राफ गिरा दिया है। सदर तहसील में अक्तूबर माह में कुल 764 बैनामा हुए। 251.98 लाख का राजस्व मिला। नोटबंदी के बाद नवंबर में मात्र 329 बैनामा हुए। मात्र 74.61 लाख का राजस्व मिला। जिस सदर तहसील में प्रतिदिन औसतन 70 बैनामा होते थे अब किसी दिन एक या दो बैनामा हो रहे हैं।
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पहले सर्किल रेट बढ़ने और फिर अधिवक्ताओं की हड़ताल के बाद बैनामों की संख्या में कमी आई थी। अब नोटबंदी के बाद से बैनामा कराने की संख्या में 80 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। यदि यही हालात रहे तो आने वाले दिना में बैनामा कराने में 90 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
सुरेशचंद्र मौर्या
उपनिबंधक-प्रथम