दरोगा की हत्या और सरकारी रिवॉल्वर लूट की घटना से पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। पुलिस ने तहकीकात की और 20 अगस्त 2010 को ग्राम वीरई-जरामई मार्ग पर मुठभेड़ कर आरोपियों को दबोचा था। इनके पास से सरकारी रिवॉल्वर व लूट का माल बरामद किया था।
फिरोजाबाद के थाना नगला खंगर क्षेत्र में कोटरे की ठार के पास बंबे की पुलिया पर 2 अगस्त 2010 को रसूलपुर थाने के दरोगा राजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या और सरकारी रिवॉल्वर व बाइक लूट के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार को एडीजे विशेष डकैती सर्वेश कुमार पांडेय की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
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रामनरेश उर्फ सुकडू निवासी गुडा, नसीरपुर, सत्यपाल सिंह निवासी सूरजपुर दुगमई, सिरसागंज और पंकज उर्फ बबलू निवासी गुढ़ा, नसीरपुर ने इस हत्या और लूटकांड को अंजाम दिया था। इन तीनों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही प्रत्येक पर 2.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना 2 अगस्त 2010 की रात की है। थाना नगला खंगर पर आशीष कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप था कि रसूलपुर थाने में तैनात उसके पिता दरोगा राजवीर सिंह को बदमाशों ने कोटरे की ठार के पास स्थित बंबा पुलिया पर गोली मार दी है और सरकारी रिवॉल्वर व उनकी बाइक लूट ले गए हैं। यह सूचना मलिखान सिंह नाम के व्यक्ति से प्राप्त हुई। मौके पर जाकर देखा तो पिता घायल पड़े थे। उनको अस्पताल में भर्ती कराया।
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वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। दरोगा की हत्या और सरकारी रिवॉल्वर लूट की इस घटना से उस वक्त पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने तहकीकात की और 20 अगस्त 2010 को ग्राम वीरई-जरामई मार्ग पर बदमाशों से मुठभेड़ कर उनको दबोच लिया। इनके पास से सरकारी रिवॉल्वर व लूट का अन्य माल बरामद किया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एडीजे विशेष डकैती कोर्ट में अभियोजन की ओर से मजबूत साक्ष्य और गवाहों को पेश किया गया है। कोर्ट ने तीनों को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।