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केरोसिन डालकर चूड़ी श्रमिक को जिंदा जलाया

Fri, 24 Feb 2017 11:05 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
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झुलसे हाल में जिला अस्पताल में भर्ती चूड़ी श्रमिक।
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सुहागनगरी में हुई एक सनसनीखेज घटना में चूड़ी जुड़ाई करने वाले श्रमिक प्रभू दयाल शंखबार (40) को ठेकेदार के पुत्रों ने केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। उसेे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के साथ नगर विधायक भी श्रमिक का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। पीड़ित के चाचा ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर लाइनपार पुलिस को दी है। आरोप है कि ठेकेदार ने पीड़ित को बंधुआ मजदूर बना रखा था।    
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मोहल्ला आजाद नगर निवासी प्रभू दयाल पुत्र स्वर्गीय पूरन सिंह क्षेत्र के ही रनवीर सिंह के यहां चूड़ी जुड़ाई का काम करता है। तबीयत ठीक न होने के कारण वह दो दिन से काम पर नहीं जा रहा था। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे रनवीर के पुत्र सतीश चंद्र, संजू और पवन प्रभूदयाल को घर से मारपीट करते हुए साथ ले गए। अपने घर ले जाकर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और केरोसिन डालकर आग लगा दी। आग की लपटों के बीच घिरे प्रभू दयाल को बचाने के लिए लोग दौड़े। हालांकि इस बीच वह गंभीर रूप से जल गया। उसको उपचार के लिए अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। सीओ सदर श्रीभगवान, कोतवाल लाइनपार अभय सक्सेना, नायब तहसीलदार भी अस्पताल पहुंच गए।
पीड़ित के बयान दर्ज किए गए। प्रभू दयाल का आरोप था कि वह पिछले 12 साल से रनवीर के यहां चूड़ी जुड़ाई का काम कर रहा है। दस साल पूर्व रनवीर से सात सौ रुपये बतौर एडवांस लिए थे। इसके एवज में वह करीब 20 हजार रुपये दे चुका है। इसके बाद भी एडवंास लिए गए रुपये नहीं खत्म हो रहे थेे। इसलिए रनवीर व उसके बेटे मारपीट कर जबरन काम कराते हैं। एक दिन काम न करने पर दो सौ रुपये भी उसके नाम में डाल देते है। इस कारण आरोपियों ने करीब 50 हजार रुपये प्रभू दयाल पर बाकी कर दिए। इस पर ब्याज भी लगाया जाता था।
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कोतवाल लाइनपार अभय सक्सेना का कहना है कि पीड़ित के चाचा रमेश चंद्र पुत्र गोवर्धन ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि सतीश, संजू और पवन उसके घर आए थे। यहां से भतीजे प्रभू दयाल को मारपीट करते हुए अपने घर ले गए और केरोसिन डालकर आग लगा दी। पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

इनसेट...
बंधुआ मजदूर बना रखा था
प्रभु दयाल दसियों साल से एक ही ठेकेदार के यहां काम रहा था। कुछ पैसा एडवांस देकर उसे बंधुआ मजदूर बना रखा था। चाहे जब घर से बुला लिया जाता और कितनी देर तक उससे काम लिया जाता। प्रभु दयाल की बुआ दर्शन देवी बताया कि दस साल का था तब प्रभु की मां की मौत हो गई थी। वह चाचा के पास रहता था। ठेकेदार जबरन मजदूरी कराता था। ब्याज लगा लगा कर थोडे से पैसे से हजारों रुपये बना दिए थे। ठेकेदार के लोग घर से रोटी खाते समय भी जबरन उसे उठा ले जाते थे। बीमारी में भी काम कराने को उठा ले जाते। कहते थे काम की नागा हो जाएगी तो मालिक का नुकसान होगा।
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