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18 अप्रैल 2014 को रामगढ़ थाना क्षेत्र में मिला था युवक शव
अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया था पिता ने मुकदमा
हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीन लोगों को अपर जिला जज अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
रामगढ़ थाना पुलिस को दी गई तहरीर में वीरपाल सिंह पुत्र बाबूराम ने कहा था कि 18 अप्रैल 2014 को उसको सूचना मिली थी कि उसके बेटे जयपाल सिंह का शव रामगढ़ थाना क्षेत्र में पड़ा है। सूचना पर वह मौके पर पहुंचा तो देखा बेटे की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। उधर पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान प्रवीन कुमार उर्फ पप्पू वीरू पुत्र राम सहाय, सुधादेवी पत्नी प्रवीन कुमार निवासी प्रतापनगर सैलई नई बस्ती तथा रामवीर सिंह पुत्र सौदान सिंह निवासी नगला पीपरिया थाना रामगढ़ के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर दी। उधर मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चंचल ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह ने आरोपियों को जयपाल सिंह की हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।