पति और बेटे की मौत के बाद मानसिक रूप से परेशान महिला ने शनिवार दोपहर घर के अंदर खुद को आग के हवाले कर लिया। आग से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर फायर विभाग के अधिकारियों के साथ इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मूल रूप से इटावा निवासी मालती देवी वर्मा के तीन पुत्रियां और एक पुत्र था। पति और पुत्र की मौत के बाद मालती देवी सुहागनगर स्थित सेक्टर नंबर एक में रहती थी। वहीं उसकी बड़ी बेटी रेनू चंद्रवार गेट और छोटी बेटी रीना पति और बच्चों के साथ लेबर कालोनी में रहती है। वहीं सबसे छोटी बेटी दुर्गा की ससुराल मैनपुरी में है। बेटियों की शादी और पति और बेटे की मौत के बाद मालती अकेली मकान में रहती थी। वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी। शनिवार दोपहर करीब एक बजे मालती ने मकान की दूसरी मंजिल में बने कमरे में खुद के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। चीखपुकार पर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हो सकी। लोगों ने इलाका पुलिस के साथ फायर विभाग को सूचना दी। सूचना पर फायर स्टेशन प्रभारी राजेश चौरसिया और कोतवाल दक्षिण मौके पर पहुंच गए। पुलिस सीढ़ी लगाकर मकान की छत पहुंची लेकिन इससे पहले ही मालती देवी की मौत हो चुकी थी। इस दौरान महिला का शव निर्वस्त्र मकान की छत पर पड़ा रहा। माना जा रहा है कि आग लगाने के बाद लपटों से घिरने पर महिला ने कपडे़ फाड़ दिए थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मृतका की बेटियाें को सूचना दी। कोतवाल दक्षिण ने बताया कि पति रामगोपाल के साथ पहुंची बड़ी बेटी रेनू ने मां मालती द्वारा आत्महत्या किए जाने की तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं बताया जा रहा है कि मालती देवी का मकान को लेकर एक नजदीकी रिश्तेदार से विवाद था। दोनों के बीच शनिवार सुबह विवाद भी हुआ था।