एसएसपी ने शुरू कराई जांच, उपनिरीक्षक को भेजा दिल्ली
मक्खनपुर निवासी फार्मासिस्ट रामवकील दिल्ली के निजामुउद्दीन स्टेशन पर कैसे पहुंचे? इस बिंदु पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक रामवकील के बेटे ने पिता की मौत को हादसा नहीं बल्कि षड्यंत्र के हत्या करना बताया है।
फार्मासिस्ट की मौत के कारण सुबह के समय बाजार बंद रहा। दोपहर को मृतक रामवकील के पुत्र सिद्धार्थ को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडलअध्यक्ष जयवीर सिंह यादव के नेतृत्व में एसएसपी अशोक कुमार से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने रामवकील की मौत का कारण स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने घटना का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मक्खनपुर थाने से एक उपनिरीक्षक को दिल्ली भेजा है। वहां से पीएम रिपोर्ट के साथ ही अन्य जानकारी मंगाई है।
मृतक के दोनों नंबरों की कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही है। जिन लोगों से रामवकील ने बात की होगी, उनसे पूछताछ की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में वेदप्रकाश गुप्त, राकेश ओझा, महाराज सिंह, महावीर सिंह, उमेश तिवारी, मीरा बघेल आदि मौजूद थे।
1.35 मिनट पर बंद हुआ था मोबाइल फोन
पुलिस सूत्रों की माने तो फार्मासिस्ट रामवकील का मोबाइल फोन शुक्रवार दोपहर को 1.35 बजे आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर बंद हुआ था। जबकि 12.07 पर उनकी लोकेशन उसायनी पर थी जबकि 12.51 बजे वह आगरा वाटर वर्क्स पहुंच गए थे।
हास्पिटल के लिए निकले थे
एसएसपी और प्रतिनिधि मंडल की बातचीत के दौरान चार पहिया गाड़ी की भी चर्चा हुई। बताया जाता है कि 10 बजकर 59 मिनट पर एक फोन रामवकील के पास आया था। वह फोन किसका था, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। इसके बाद रामवकील घर से बिना बाइक लिए हास्पिटल के लिए निकले थे। लेकिन घर से कुछ ही दूरी पर वह कार में सवार हो गए। कार में पहले से कुछ अन्य लोग भी सवार थे।