राधेश्याम की हत्या मात्र दस हजार रुपये के कारण उसके ही साथी ने चाकू से गला रेतकर की थी। इसका खुलासा टूंडला पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किया है। आरोपी ने मृतक की साइकिल भी एक कबाड़ी को तीन सौ रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने कबाड़ी से पूछताछ करने के साथ ही कटी हुई साइकिल के कुछ पार्ट्स बरामद किए हैं।
एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि राधेश्याम पुत्र भगवान दास टूंडला थाना क्षेत्र के गांव नगला कुंहारान का रहने वाला था। उसने पप्पू निवासी कृष्णा कालोनी थाना टूंडला को दस हजार रुपये उधार दिए थे। राधेश्याम रुपये वापस करने के लिए पप्पू पर दबाव बना रहा था। इसके लिए पप्पू ने राधेश्याम की हत्या की प्लानिंग तैयार कर ली। 17 जनवरी की शाम को पप्पू राधेश्याम से मिला और राधेश्याम को शराब पिलाने के साथ ही मोहम्मदाबाद गांव के पास ले गया। यहां उसकी चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। शव की शनाख्त न होने के कारण पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। शव की शनाख्त होते ही पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पीड़ित परिवारीजनों से पूछताछ की लेकिन वह कोई जानकारी नहीं दे सके। इस बीच पप्पू का राधेश्याम के गांव आना जाना बना रहा। पप्पू ने अपनी साइकिल में राधेश्याम की साइकिल के एंगल लगा लिए थे। इनको राधेश्याम के परिवारीजनों ने पहचान लिया था। परिवारीजनों को हत्या का शक पप्पू पर हुआ तो उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने पप्पू से पूछताछ की। इसमें उसने राधेश्याम की हत्या करने का जुर्म कबूल करने के साथ ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। घटना का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने के साथ ही लोकेश सिंह भाटी को प्रशस्त्री पत्र देकर सम्मानित किया।
थाने से छोड़ दिया गया था आरोपी
सूत्रों की मानें तो टूंडला पुलिस ने पप्पू को कई दिनों तक थाने में बैठाकर पूछताछ की थी लेकिन ठोस सबूत नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया था। एसएसपी ने टूंडला पुलिस पर हत्याकांड का खुलासा करने के लिए दबाव डाला तो पुलिस ने पूरे मामले का खुुलासा करने के साथ ही पप्पू के खिलाफ साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए। राधेश्याम की हत्या करने के लिए पप्पू ने टूंडला ओवर ब्रिज के नीचे से ही चाकू खरीदा था।