न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने राधागली में छह मकानों को सील कर दिया। पुलिस ने सीओ टूंडला के निर्देशन कार्रवाई की। साथ ही न्यायालय के आदेश की प्रति भी चस्पा की गई। इस दौरान मौके पर चार थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
राधागली में छत्तीसगढ़ पुलिस ने छापेमारी करके तीन किशोरियों को मुक्त कराया था। पुलिस की ओर से थाना दक्षिण में महिला और तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच सीओ टूंडला प्रेम प्रकाश यादव कर रहे थे। न्यायालय ने घनी आबादी के बीच देह व्यापार पर पुलिस प्रशासन को इसे तत्काल बंद कराने के आदेश दिए थे।
इसके बाद सीओ टूंडला प्रेम प्रकाश सिंंह, प्रभारी निरीक्षक दक्षिण व उत्तर, रसूलपुर व टूंडला के थाना प्रभारी के साथ बदनाम बस्ती में पहुंचे। पुलिस फोर्स ने आरोपी महिला के मकान सहित छह मकानों कुर्क करने के साथ ही सीलिंग की कार्रवाई की। सीओ टूंडला प्रेम प्रकाश ने बताया कि बदनाम बस्ती के छह मकानों को सील किया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर भीड़ एकत्रित हुई।
दो किशोरियों को परिजनों को सौंपी, एक नारी निकेतन मथुरा
बदनाम बस्ती से मुक्त कराई गई छत्तीसगढ़ की तीनों किशोरियां नाबालिग थीं। सीओ टूंडला ने बताया कि काफी खोजबीन के पश्चात दो किशोरियों के घर का पता चला तो उनके परिजनों को बेटियों को सौंप दिया। जबकि एक किशोरी को कई स्थानों पर ले गए,लेकिन घर पता नहीं मिला। इसके कारण वह नारी निकेतन मथुरा में है।
सीओ टूंडला ने कहा कि थाना दक्षिण में आरोपी महिला और उसके पुत्रों सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन जांच के दौरान इसके नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मुंबई, इलाहाबाद, धौलपुर तथा आगरा के काफी लोग जुड़े हैं। पुलिस शीघ्र ही पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने के साथ जेल भेजने की कार्रवाई करेगी।