दो माह पूर्व शहर की बदनाम बस्ती से बचकर भागी तीन किशोरियों को साथ लेकर छत्तीसगढ़ और फिरोजाबाद पुलिस ने दोबारा बदनाम बस्ती में दबिश दी। यहां पुलिस ने किशोरियों की निशानदेही पर उस घर को तलाशा जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता था और देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस ने किशोरियों द्वारा बताए गए घरों की फोटोग्राफी भी की।
बताया गया है कि तीन किशोरियां छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से अगवा की लाई गई थीं। इसका खुलासा दिसंबर माह में तब हुआ जब किशोरियों यहां से भाग कर टूंडला पहुंची थीं। उन्होंने टूंडला पुलिस को अपने बारे में जानकारी दी। इसके बाद किशोरियाें को फिरोजाबाद की थाना दक्षिण पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। दक्षिण पुलिस ने किशोरियों की तहरीर के आधार पर बदनाम बस्ती निवासी राधा और उसके तीन पुत्रों के खिलाफ जबरन देह व्यापार कराने का मुकदमा दर्ज किया। किशोरियों को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से किशोरियों को नारी निकेतन मथुरा भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार किशोरियों को बचपन में अगवा किया था। इसलिए वह परिवारीजनों के बारे में ज्यादा नहीं बता सकीं। बाद में पुलिस ने तलाश की तो दो किशोरियों के अपहरण का मुकदमा छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में दर्ज पाया गया है। किशोरियों के बरामद होने की खबर पर रायपुर पुलिस जांच में जुट गई। फिरोजाबाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शेष आरोपी फरार हैं। सीओ टूंडला प्रेमप्रकाश यादव के अनुसार मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर किशोरियों को नारी निकेतन मथुरा से लाया गया था। उनके द्वारा उन मकानों की पहचान कराई गई थी, जहां किशोरियों को बंधक बनाकर रखने के साथ ही देह व्यापार कराया जाता था। कार्रवाई के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ सीओ टूंडला प्रेमप्रकाश यादव, कोतवाल दक्षिण केपी सिंह आदि मौजूद थे।
छावनी बना दी गई थी बदनाम बस्ती
किशोरियों को लेकर पुलिस जब बदनाम बस्ती में पहुंची इस दौरान पूरे क्षेत्र को छावनी बना दिया गया था। कई थानों का फोर्स तैनात था। बस स्टैंड के आसपास भी पुलिस बल तैनात किया गया था।