कार में गैस भराने के विवाद में पेट्रोल पंप पर तैनात गार्ड ने दवा कंपनी के मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े वारदात से पेट्रोल पंप पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने गार्ड को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बंदूक कब्जे में ले ली। वारदात से गुस्साए लोगों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ भी की। पुलिस के समझाने पर ही लोग माने। यह पूरा घटनाक्रम पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला दुली निवासी यशवीर सिंह ठाकुर उर्फ सचिन ठाकुर (28) पुत्र कर्मवीर सिंह ठाकुर दवा कंपनी विंसटन फार्मा में आगरा में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। परिवारीजनों के मुताबिक दो दिन पहले ही उनका प्रमोशन हुआ था। शनिवार को वह फीरोजाबाद में थे। शाम तकरीबन 3:30 बजे वह राजा का ताल स्थित सीएनजी पंप पर गाड़ी में गैस भरवाने गए। वहां आटो की लाइन में कार खड़ी करने पर पंप के गार्ड से उनका विवाद हो गया। वे कार का गेट खोलकर बाहर निकल ही रहे थे कि गार्ड वीरेंद्र ने उन्हें गोली मार दी। गोली सीने में लगते ही सचिन खून से लथपथ होकर गिर पड़े। तड़पने के दौरान ही गार्ड ने उन्हें दूसरी गोली मार दी। इससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े गोलियों की आवाज सुनते ही पेट्रोल पंप पर भगदड़ मच गई। बताया गया कि इसी बीच सचिन के दोस्त हिमांशु का फुफेरा भाई वहां पहुंच गया। उसने इसकी जानकारी हिमांशु और सचिन के परिवारीजनों को दी। परिवार के लोग मौकेपर पहुंचे, तब तक पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बंदूक ले ली। सचिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की। इधर, गुस्साए परिवारीजन और अन्य लोगों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनसे भी नोकझोंक हुई। इस बीच जानकारी पर एसपी सिटी संजय बाजपेयी के साथ सीओ टूंडला मय पुलिस फोर्स पहुंच गए। उनके समझाने पर ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ। एसपी सिटी ने बताया कि पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
मोबाइल को पार करते हुए सीने में धंसी गोली
गोली सचिन की शर्ट की जेब में रखे मोबाइल को पार करती हुई सीधे सीने में धंस गई। पुलिस ने मोबाइल को भी कब्जे में ले लिया है।
देरी से पहुंचे थानेदार, एसपी सिटी ने फटकारा
यह वारदात दोपहर तकरीबन 3:30 बजे हुई, जबकि कोतवाल रसूलपुर डा. विनोद पायल और इंस्पेक्टर लाइनपार अभय सक्सेना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर शाम पांच बजे पहुंचे। एसपी सिटी ने नाराजगी जताते हुए मौके पर ही दोनों अफसरों को फटकार लगाई।
एक साल पहले ही हुआ था विवाह
सचिन की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। उनकी दो माह की बेटी है। उनके पिता का देहांत हो चुका है। सचिन अपने पिता का इकलौते बेटे थे।
‘गार्ड में हिम्मत नहीं, यूं ही किसी को गोली मार दे’
वारदात के बाद गुस्साए परिवारीजन और लोग पेट्रोल पंप स्वामी को मौके पर ही बुलाने की मांग पर अड़े थे। इसके बावजूद पुलिस ने उसे बुलाने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते भी लोगों का गुस्सा भड़क गया। पीड़ित परिवारीजनों का आरोप था कि गार्ड में इतनी हिम्मत नहीं कि वह यूं ही किसी को गोली मार दे। उसे अवश्य पंप स्वामी का वरदहस्त है। पंप स्वामी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
30 सेंकेड में खत्म हो गया सब कुछ
यदि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पर गौर करें तो सचिन के साथ यह वारदात महज 30 सेकेंड में घट गई। सीसीटीवी कैमरे की घड़ी के अनुसार 15:32 बजे गार्ड से सचिन का विवाद हुआ। इस बीच एक कर्मचारी मामले को शांत कराने के लिए आगे आया लेकिन तब तक गार्ड ने सचिन को गोली मार दी। चौकीदार पहले 10 कदम पीछे हटा और फिर से लौटकर आया और फिर दूसरी गोली सचिन के सीने में मारी। इसके साथ ही कर्मचारियों ने मशीनों को बंद करना शुरू कर दिया। इस बीच सचिन जमीन पर पड़ा उपचार के लिए तड़पता रहा।