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धौलपुर हादसा: महावीर नगर और नगला विश्नू में पहुंचे युवकों के शव

Wed, 24 Aug 2016 12:32 AM IST
Amar Ujala
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धौलपुर हादसा: महावीर नगर और नगला विश्नू में पहुंचे युवकों के शव - फोटो : Amar Ujala
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क्षेत्र के बाजार और स्कूल रहे बंद
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राजस्थान के जिला धौलपुर बाडी रोड स्थित सूबे का पुरा गांव के समीप सोमवार देर रात हुए हादसे में पांच युवकों की मौत और तीन के घायल होने की सूचना के बाद मोहल्ला महावीर नगर और नगला विश्नू में कोहराम मच गया। शोक के कारण क्षेत्र के बाजार और स्कूल बंद रहे। वहीं मंगलवार की दोपहर शव पहुंचते ही क्षेत्र में रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। पड़ोस में रहने वालों के आंसू थम नहीं रहे थे। खबर मिलने के बाद पूरी रात मोहल्ले के लोग सोए नहीं।
सोमवार रात महावीर नगर और नगला विश्नू में रात 12 बजे प्रशांत गुप्ता, सिद्धार्थ शर्मा, अनुज प्रताप, सुमित शर्मा और सत्येंद्र यादव की मौत की खबर सुनते ही कोहराम मच गया। आसपास के लोग घरों से बाहर निकले और कारण जानने का प्रयास करने लगे। क्योंकि दक्षिण पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के बाद पीड़ित परिवार सुध बुध भी खो बैठे थे। कुछ देर बीत जाने के बाद पीड़ित परिवारीजनों ने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इस पर पलक झपकते ही मोहल्ले में कोहराम मच गया। क्षेत्र के कुछ लोग पीड़ित परिवार को लेकर रात को ही धौलपुर के लिए रवाना हो गए। उधर दोपहर करीब 12 बजे के बाद युवकों के शव मोहल्ला महावीरनगर और नगला विशभनू पहुंचे तो हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा एकत्रित हो गए।
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अनुज के घर बनी थी कैलादेवी जाने की योजना
क्षेत्रीय लोगों की माने तो सोमवार शाम करीब चार बजे सभी युवक अनुज के घर पर एकत्रित थे। तभी उन्होंने राजस्थान स्थित कैलादेवी मंदिर पर जाने की योजना तैयार कर ली। सत्येंद्र सिद्धार्थ के साथ अपने मामा राजेश के यहां नगला भाऊ पहुंचा। यहां से उनकी कार लेकर आया था। इसके बाद शाम करीब छह बजे सभी युवक राजस्थान के लिए निकले थे।

दो घरों के बुझे इकलौते चिराग
धौलपुर हादसे का शिकार हुए दो युवक अपने घर में इकलौते थे। इनमें से एक के यहां बहन की शादी भी होनी है।
महावीरनगर निवासी 26 वर्षीय प्रशांत यादव के पिता मुन्नालाल यादव नगर निगम में कर्मचारी हैं। प्रशांत चार भाईयों में सबसे छोटा था। सिद्धार्थ शर्मा (25) के पिता योगेंद्र शर्मा का प्रिंटिंग प्रेस का पुराना काम है। सिद्धार्थ अपने पिता का इकलौता बेटा था। जबकि उसकी बहन की शादी हो चुकी है। सुमित शर्मा (20) अपने पिता विनोद कुमार का इकलौता पुत्र था। दो माह पूर्व विनोद शर्मा का शव राजा का ताल स्थित देशी शराब के ठेके के पास मिला था। विनोद गैस का काम करते थे। पिता की मौत के बाद सुमित ने पिता के काम की देखभाल शुरू कर दी थी। सुमित की दो बहनों है। एक बहन की शादी करने के बाद वह दूसरी बहन की शादी की तैयारी कर रहा था। विनोद का परिवार मूलरुप से दारापुर का रहने वाला था। लेकिन पिछले कई साल से विनोद महावीर नगर में रह रहा था। सुमित के शव को लेकर परिवारीजन दारापुर ही पहुंचे थे। अनुज प्रताप (22) के पिता असमंज प्रताप सिंह जलेसर रोड स्थित एक शिक्षण संस्था में अध्यापक हैं। अनुज दो भाईयों में बड़ा होने के साथ ही उसकी बड़ी बहन है। लाइनपार थाना क्षेत्र के मोहल्ला नगला विशभनू निवासी सत्येंद्र यादव (20) के पिता डा. चंद्रप्रकाश यादव मूलरूप से नगला गोकुल के रहने वाले हैं। बीमा एजेंट होने के साथ ही चंद्रप्रकाश क्लीनिक पर भी बैठते हैं। सत्येंद्र तीन बहन और दो भाई हैं। सत्येंद्र बड़ा था। परिवारीजन उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव नगला गोकुल ले गए।

नहीं देख पाए बेटे का चेहरा
हादसे में सिद्धार्थ का चेहरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। घर के बाहर रखे बेटे के  शव को देख पिता योगेंद्र और माता बार-बार लाल के चेहरे को खोलने के लिए प्रयास कर रही थी। लेकिन वहां मौजूद लोगों ने चेहरा नहीं खोलने दिया।

अनुजा देख तेरा मामा आ गया
अनुज प्रताप की मौत की खबर पर उसके मामा, मामी और नानी के साथ अन्य रिश्तेदार सुबह ही महावीर नगर स्थित उसके आवास पर पहुंच गए। एंबुलेंस से अनुज का शव उतरते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। वहीं अनुज के मामा के मुख से बार बार एक ही शब्द निकल रहे थे, देख अनुजा तेरा मामा आ गया। बहुत कहता था मामा कब आएगा अब तो याद आत है। वहीं पेड़ के नीचे बैठे पिता कह रहे थे कि मेरा तो सब कुछ लूट गया। रोज कहता था पापा चिंता मत करो। बड़ा हो गया हूं। जाई के ले बड़ा भऊ, पापा को रोता छोड़ जाएंवे..। वहीं प्रशांत के शव पर उसके बहन और भाभियों के साथ विलाप कर रही मां का रो-रोकर बुरा हाल था।

इनका आगरा में चल रहा है उपचार
प्रशांत, अनुज, सिद्धार्थ, सत्येंद्र और सुमित के साथ महावीर नगर निवासी गोल्डी, रिषभ दुबे और चिंटू भी गए थे। इन तीनों लोगों का उपचार आगरा में चल रहा है। जबकि चिंटू और रिषभ दुबे की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं गोल्डी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल युवकों के परिवारीजन भी आगरा के निजी अस्पताल में हैं।

जिंदगी का अंतिम सफर भी साथ
क्षेत्रीय लोगों की माने तो सभी युवकों के बीच पक्की दोस्ती थी। यहां तक कि रिश्तेदारों में भी इनकी दोस्ती की चर्चाएं हुआ करती थी। शादी समारोह में भी एक साथ शामिल हुआ करते थे। एक दूसरे के हर सुख दुख में साथ दिया करते थे। सुमित के पिता विनोद की मौत के बाद सभी लोगों ने उसका साथ देने के साथ ही हिम्मत दी थी।
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हादसे पर जताया शोक
महानगर अध्यक्ष गुलाम जीलानी की अध्यक्षता में हुई शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में वक्ताओं ने धौलपुर में हुए हादसे में पांच युवकों की मौत पर दु:ख व्यक्त किया। इस दौरान प्रेमशंकर शर्मा, उमाकांत पचौरी, सतीश चंद्र अग्रवाल, शफात खान राजू, विद्याराम राजौरिया आदि मौजूद रहे।
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