नाजमीन की हत्या के बाद पीएम हाउस पहुंचे परिजन।
अगर समय रहते रामगढ़ पुलिस ने नाजमीन की सुनवाई की होती तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन पुलिस ने पति-पत्नी के विवाद को हल्के से लिया। नाजमीन से तहरीर देने को तो कहा, लेकिन पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण वह तहरीर नहीं दे सकी। वह कई बार पुलिस के सामने गिड़गिड़ाई कि साहब! वो मुझे मार देगा। इसके बाद भी पुलिस ने कासिम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई पहल की। इसकी जानकारी नाजमीन ने अपने पिता को फोन पर दी थी।
नाजमीन की हत्या के बाद उसके पिता अली मोहम्मद पुत्र रहम खां निवासी शीशग्रान थाना आकराबाद अलीगढ़ ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर रामगढ़ पुलिस पर आरोप लगाए। अली मोहम्मद ने कहा यदि पुलिस बेटी नाजमीन की शिकायत पर आरोपी कासिम के खिलाफ कार्रवाई करती तो उसकी जान नहीं जाती। पिता जब्बार के कहने पर कासिम नाजमीन से दहेज की अतिरिक्त मांग करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी देता था लेकिन उम्मीद नहीं थी कि कासिम उसकी बेटी की वास्तव में हत्या कर ही देगा। रामगढ़ पुलिस ने नाजमीन के पिता की तहरीर पर कासिम, जेठ इमरान, देवर रहमान, ससुर हाजी जब्बार, सास रिहाना और जेठानी मंतशा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।