शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। बदले की भावना में आदमी इतना अंधा हो जाता है कि उसे अपने द्वारा किये गये जुर्म का भी अहसास नहीं होता। पिता के हत्यारोपियों को फंसाने और सजा दिलाने के चक्कर में रामप्रताप ने झूठी अपहरण की कहानी रची। पुलिस प्रशासन को नौ दिन तक परेशान किया। बरामद होने पर पुलिस के सामने रामप्रताप की अपहरण की कहानी फेल हो गई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में उसका चालान कर दिया।
मूल रूप से नगला गुलाल निवासी रामप्रताप का थानाक्षेत्र में डाहिनी बंबा के समीप नगला डहर में संत ब्रह्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इस विद्यालय की जमीन को लेकर रामप्रताप और भूपेंद्र सिंह के बीच विवाद था। इसी के चलते वर्ष 2018 में रामप्रताप के पिता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। रामप्रताप ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि तीन आरोपियों का नाम निकाल दिया।
हत्यारोपी को सजा दिलाने के लिए रामप्रताप मुकदमा लड़ रहा था। 25 फरवरी को तारीख कर लौटते समय रहस्यमय तरीके से रामप्रताप गायब हो गया। इसके बाद पत्नी बेबी ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 9 दिन बाद मिला तो उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस के सामने उसकी एक भी युक्ति नहीं चली। एसएसपी के निर्देश पर रामप्रताप के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में चालान कर न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने रामप्रताप को जेल भेजने के साथ ही जिले के लोगों को संदेश दिया है। पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है, तो झूठी और मनगढ़ंत कहानी रचकर झूठे मुकदमे लिखाने वालों को भी नहीं बख्शा जायेगा। उन्होंने कहा है कि दूसरे को झूठे मुकदमों में फंसाने की सोचने वाले सावधान हो जाएं। उनके द्वारा की गई गलत हरकत उन्हें जेल पहुंचा सकती है। सीओ बल्देव सिंह ने बताया कि रामप्रताप को जेल भेज दिया है।