फिरोजाबाद। एडीजे कोर्ट ने छेड़खानी और लैंगिक हमले के आरोपी पेंटर नासिर खान निवासी अब्बास नगर, दक्षिण को साक्ष्यों व गवाही के अभाव में बरी कर दिया है।
एक महिला ने थाना दक्षिण में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके घर में पेंट का काम कर रहे नासिर खान ने उनकी 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ 22 अक्तूबर 2020 को फोन पर अश्लील बातें कीं। अगले दिन 23 अक्तूबर को आरोपी ने पीड़िता को कमरे में बुलाकर छेड़खानी की और शोर मचाने पर उसे पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के छेड़खानी, धमकाने और पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही का विश्लेषण कर पाया कि वादिया और पीड़िता के बयानों में घटना के समय और तारीख को लेकर गंभीर विरोधाभास है। पीड़िता और वादिया ने बयान दिया कि उन्होंने नासिर को 22 अक्टूबर को ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था, जबकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्राथमिकी 23 अक्तूबर की शाम को दर्ज की गई थी। बचाव पक्ष की ओर से गवाह जाकिर खान ने बताया कि नासिर ने काम पूरा होने पर जब अपने बकाया पैसे मांगे, तो वादिया के पति ने उसके साथ मारपीट की और पैसे न देने की नीयत से यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।