रिजल्ट अधूरा होने से नहीं हो सके छात्रवृत्ति के लिए पात्र
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छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन की गुजरी अंतिम तिथि
परीक्षा समय से दी, मगर परिणाम अधूरा आया। न फेल हैं और नही पास। ऐसे हजारों छात्र-छात्राओं के हाथ से छात्रवृत्ति योजना में पात्र होने का अधिकार छिन गया है। सात अक्टूबर को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि गुजर गई, मगर रिजल्ट अधर में लटका होने के कारण छात्र-छात्राओं को अनुदान के रूप में मिलने वाली हजारों रुपये की धनराशि का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं जिनके रिजल्ट आ गए हैं, वह शुक्रवार को छात्रवृत्ति फार्म जमा करने कालेज पहुंचे।
बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति का ऑनलाइन फार्म नहीं भर सके। यूनिवर्सिटी ने परीक्षा ही नहीं कराई है। बीटीसी सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा भी नहीं हुई है। आईटीआई के विद्यार्थी भी ऑनलाइन फार्म नहीं भर सके। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि गुजर चुकी है। डिग्री कालेज में भी छात्राएं परेशान रहीं। कई कालेज के रिजल्ट पूरे नहीं आए हैं। बीए, बीकॉम, बीएससी के सैकड़ों छात्र छात्राओं के प्रेक्टिकल या अन्य विषय के नंबर नहीं चढ़े। अंक तालिका में मार्क्सवेटिंग आ गया है। एमजी गर्ल्स डिग्री कालेज, दाऊदयाल गर्ल्स कालेज मे फार्म जमा करने से वंचित छात्राओं की भीड़ लगी रही।
रुके रिजल्ट पर भी भरे जा सके फार्म
अंतिम तिथि से एक दिन पूर्व वेबसाइट पर रिजल्ट वेटिंग नाम से आप्शन आने लगा। कुछ छात्र-छात्राओं को पता लगा तो उन्होंने फटाफट फार्म भर दिए। पिछले वर्ष भी एससी वर्ग के 1792 विद्यार्थियों ने इसी फार्मेट पर में फार्म भरे थे, लेकिन छात्रवृत्ति एक को भी नहीं मिली।