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Firozabad News: निगम कार्यकारिणी चुनाव आज, वोट की किलेबंदी में गुजरा दिन

Fri, 30 Jun 2023 12:00 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। निगम कार्यकारिणी का चुनाव आज यानी शुक्रवार को होगा। सदस्य पद के उम्मीदवार दिनभर वोट की किलेबंदी में लगे रहे। सदस्य बनने के लिए सभी तरह की जोड़ तोड़ के साथ ही कई ने तो लेनदेन का भी सहारा लेने की कोशिश की। चर्चा है कि कुछ उम्मीदवार बड़ी-बड़ी बोली लगाकर अपने समर्थन में वोट जुटा रहे हैं। तय रकम के बदले वोट की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए वोट देने वाले पार्षद के सामने अपनी मतदान प्रक्रिया की मोबाइल फोन से तैयार वीडियो क्लिप दिखाने की शर्त भी रखी गई है।नगर निगम कार्यकारिणी के 12 पदों के लिए चुनाव 30 जून को मतदान होना है। सपा भी तीन से चार प्रत्याशियों को मैदान में उतारने जा रही है। जबकि भाजपा कोर कमेटी की ओर से आठ नामों पर मंथन चल रहा है। इसमें चुनाव से कुछ समय पहले सपा से भाजपा में शामिल हुए दो प्रत्याशी, एक ब्राह्मण महिला व एक पुरुष, पार्टी से जुड़े एक यादव प्रत्याशी, एक शंखवार व अन्य कई लोग कार्यकारिणी सदस्य बनने की जुगत में हैं। इनके बीच दो निर्दलीय पार्षद भी चुनाव मैदान में ताल ठोंकने को तैयार हैं।
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जलेसर रोड पर रहने वाले एक निर्दलीय प्रत्याशी के पति इन दिनों अन्य निर्दलीय व एक कांग्रेस प्रत्याशी पर डोरे डाल रहे हैं। 12 पदों के मुकाबले अभी तक करीब 22 उम्मीदवार मैदान में आने से मतदाता रूपी पार्षदों की कीमत बढ़ गई है। दलीय नेताओं को इस माहौल में क्राॅस वोटिंग की चिंता परेशान कर रही है तो इस बीच वोट खरीदने की चर्चा तेज हो जाने से कई नेताओं की नींद उड़ गई है। कहा जा रहा है कि कार्यकारिणी सदस्य बनने के इच्छुक कुछ उम्मीदवारों के बीच पैसा बांटने की होड़ से वोट के लिए बड़ी-बड़ी बोली लगी हैं। मतदाताओं से वोट देते समय की लाइव क्लिपिंग लाने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि कार्यकारिणी चुनाव में वोट की सौदेबाजी और इसकी मोबाइल फोन से रिकार्डिंग की चर्चा आम हो जाने के कारण मोबाइल लाने पर पाबंदी लगाई जा सकती है।
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हर सदस्य का है विशेष महत्व
-नगर निगम की कार्यकारिणी एक तरह से मेयर का मंत्रीमंडल होता है। 70 पार्षदों में ही 12 सदस्य कार्यकारिणी के लिए चुने जाते हैं। कार्यकारिणी सदस्य बनने के लिए कम से कम छह पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है। 10 लाख से अधिक लागत के सभी कामों को कार्यकारिणी की मंजूरी लेना जरूरी होता है। बजट सहित सभी नीतिगत फैसले नगर निगम कार्यकारिणी से मंजूरी मिलने के बाद सदन में रखे जाते हैं। उपसभापति को यह कार्यकारिणी के सदस्य ही चुनते हैं।
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