फिरोजाबाद। कोरोना महामारी से जंग में सुहागनगरी की भूमिका बड़ी होने वाली है। यहां जल्द ही बायो सेफ्टी लैब लेवल थ्री का निर्माण किया जाएगा। इसके तैयार हो जाने के बाद 24 घंटे में 1000 लोगों की कोरोना की जांच की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर इस लैब को मंजूरी भी मिल गयी है। बीएसएल थ्री (बायो सेफ्टी लेवल थ्री) लैब स्वशासी मेडिकल कॉलेज में तैयार होगी। मेडिकल कॉलेज में बनने वाली लैब एडवांस लेवल की कोबास मशीनों से लैस होगी। लैब में कोरोना, इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया जैसी बीमारी की जांच हो सकेगी। साथ ही विशेषज्ञ बीमारियों पर शोध भी कर सकेंगे।
कैसा होगा बीएसएल थ्री लैब
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैयार होने वाली बायो सेफ्टी लेवल थ्री लैब पूरी तरह से एडवांस होगी। लैब में संक्रमण का खतरा नहीं होगा। क्योंकि इसमें हवा फिल्टर होकर अंदर जाएगी और बाहर निकलेगी। क्योंकि इससे इन्फेक्शन का खतरा नहीं रहता। यही नहीं इसमें हर जांच के लिए पूरी तरह से एयर प्रूफ अलग-अलग क्यूब बने होते हैं। विशेष पीपीई किट, गलब्स, फेस मास्क पहनकर ही लैब में जांच की जाएगी। बीएसएल थ्री लैब के मामले में लखनऊ का किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज और पीजीआई ही है। इसके बनने से फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज का नाम भी जुड़ जाएगा।
बीमारियों पर हो सकेगा शोध
एडवांस लेवल की बीएसएल थ्री लैब बनने के बाद कोरोना सहित अन्य बीमारियों की जांच में तेजी आएगी। साथ ही विशेषज्ञ बीमारियों पर शोध भी कर सकेंगे। मरीजों की जांच के दृष्टिगत गाइडलाइन के अनुसार अनुमोदन भी प्राप्त हो चुका है। इस लैब का निर्माण कोरोना से निपटने व बेहतर जांच के लिए किया जाएगा। - डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, स्वशासी मेडिकल कॉलेज।