फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वैक्सीन बनीं ढाल, मरीजों ने घर रहकर संक्रमण को दी मात

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। कोरोना से लड़ाई में वैक्सीन की ढाल मजबूत साबित हो रही है। टीका की दोनो डोज लेने के बाद कोविड नियमों की अनदेखी करने पर लोग संक्रमित तो हुए, मगर टीका ने इतना मजबूत बना दिया कि कोरोना संक्रमण ज्यादा देर नहीं टिक सका। सामान्य बुखार की तरह लोग घर पर ही ठीक हो गए। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन और महंगी दवाओं की जरूरत नहीं पड़ी। अब तक जनपद में 2.5 लाख से अधिक कोरोना की टीके लगाए जा चुके हैं।
विज्ञापन

वैक्सीन से आई हिम्मत
कोरोना वैक्सीन मैने समय से लगवा ली थी। हर रोज लोगों से मिलना। मरीजों के संपर्क में आना-जाना रहता था, इसलिए मैं स्वयं कोरोना संक्रमित हो गई थी। वैक्सीन का फायदा तब लगा, जब लोग कोरोना से परेशान थे। दूसरी लहर में मुझे किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई। पॉजिटिव होने के बाद भी मैं अपने कार्य में जुटी रही। -डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
खांसी, जुकाम की तरह चला गया कोरोना
कोरोना वैक्सीन की दोनो डोज ले चुके थे। ड्यूटी थी तो लोगों मरीजों से मिलना रहता था। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मगर वैक्सीन ने हिम्मत दी और घर पर रहकर ही कोरोना को मात दे दी। खांसी, जुकाम की तरह कोरोना चला गया। -डॉ. नितिन जग्गी, सहायक प्रतिरक्षण अधिकारी
विज्ञापन

वैक्सीन की दोनो डोज लेने के बाद ही खतरा होगा कम
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की दोनो डोज लगवाने के बाद खतरा कम हो जाता है। वैक्सीन का काम संक्रमण से बचाना नहीं है, उसके खतरे को कम करना है। अभी तक की जांच में कोरोना का दोनों डोज लगने के बाद भी अगर कोई संक्रमित हुआ है तो वह सामान्य इलाज से ठीक हो गया है।
विज्ञापन

कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा
कोरोना की कुल डोज- 2, 57196
कोरोना की दूसरी डोज- 37267
उम्र के हिसाब से टीकाकरण की स्थिति
18 से 44 उम्र- 85193
45 से 60 उम्र- 82913
60 से अधिक उम्र- 51793
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें