फिरोजाबाद। सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार 15 अक्तूबर से स्कूल संचालक स्कूल खोलने को तैयार हैं लेकिन अभिभावकों की सहमति का इंतजार है। गाइड लाइन के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास चलाने को लेकर स्कूल संचालक दुविधा में हैं।
आईवे इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य नंदनी यादव का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं चलाना मुश्किल हैं। क्योंकि शिक्षक वहीं हैं। ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। स्कूल खुलते हैं तो हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं। ऐसे में कम बच्चों के लिए बस अलग-अलग क्षेत्र में भेजना और ज्यादा नुकसान देगा।
एमजीएम स्कूल, ढ़ोलपुरा के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा का कहना है कि गाइडलाइन में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा की दृष्टि से जो बिंदु दिए हैं, उनका पालन किया जाएगा जो अभिभावक सहमति पत्र देंगे, उनके बच्चे स्कूल में आ सकेंगे। हालांकि बहुत कम ही अभिभावक, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं।
पंडित मुरारीलाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर मनोज गर्ग कहते हैं कि स्कूल खुलने पर ही पता लगेगा कि कितने बच्चे आते हैं। हम अभिभावकों के पास सहमति पत्र भेज रहे हैं।
अभिभावक का कहना
ऑनलाइन ही कक्षाएं अच्छी चल रही हैं। बच्चे पूरे उत्साह के साथ सीख रहे हैं। हम भी बच्चों के साथ मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में हमने बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति नहीं दी है। थोड़ा और माहौल सुरक्षित हो जाएगा तो तब हम बच्चों को स्कूल भेजेंगे। अभी पूरी तरह माहौल सुरक्षित नहीं है।
धर्मेंद्र कुमार, अभिभावक
- कोरोना के केस कम जरूर हुए हैं लेकिन माहौल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन कक्षाएं ही ठीक है। बच्चों के साथ थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है। अगर स्कूल खुल भी जाएं तो थोड़ा इंतजार करेंगे कि माहौल ठीक हो। सही समय पर ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे।
मनोज पालीवाल, अभिभावक