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होम आइसोलेशन में रहकर 96 मरीजों ने दी कोरोना को मात, 118 लड़ रहे जंग

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फिरोजाबाद। होम आइसोलेशन की सुविधा कोरोना मरीजों के मन से महामारी का डर निकाल रही है। जनपद में 96 लोग होम आइसोलेट होकर कोरोना का मात दे चुके हैं। अपनों के बीच रहकर 118 लोग कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण विहीन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। सिर्फ फोन से ही स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों का हालचाल ले रहा है।
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कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर मरीज के तुरंत आइसोलेट और परिवारिजनों को संस्थागत क्वारंटीन कराने के डर से लोग जांच नहीं करा रहे थे। किंतु होम आइसोलशन की सुविधा के बाद लोग आसानी से जांच करा रहे हैं। प्रतिदिन 1800 से दो हजार लोगों की नई जांच हो रही हैं। अभी तक कुल 214 कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेट हो चुके हैं। इसमें 118 लोग अभी जंग लड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग हर रोज मरीजों के पल्स एवं शरीर के तापमान के बारे मे जानकारी करता है। यदि किसी मरीज का तापमान एवं पल्प मानक से कम होता है तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। हालांकि अभी किसी भी होम आइसोलेट मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।
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ऐसे हो सकते हैं होम आइसोलेशन
कोरोना संक्रमण की पुष्टी होने पर स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम फोन या मरीज के घर जाकर संपर्क करती है। यदि कोई मरीज होम आइसोलेट होना चाहता है तो वह टीम से कह सकता है। टीम घर में एक कमरा ऐसा देखती है, जिसकी आसपास कोई न आए जाए। अलग से शौचालय का इंतजाम हो। एक व्यक्ति मरीज की देखभाल दूर से कर सके। ऐसे में टीम मरीज को किट उपलब्ध कराती है, जिसमें दवाएं होती हैं। 10 दिन बाद मरीज का आइसेलेशन समय पूर्ण हो जाता है।
कई मरीज होम आइसोलेशन को पूर्ण कर चुके हैं। मरीजों से हर रोज हालचाल जाना जाता है। आक्सीमीटर मरीज को लेना पड़ता है, जिससे समय-समय पर मरीज को अपना पल्स और ऑक्सीजन देखनी पड़ती है। यदि किसी मरीज को समस्या होती है तो उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता है। यह सुविधा सिर्फ बिना लक्षण के संक्रमित मरीज को है।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
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