दो माह का बकाया मानदेय न मिलने के कारण नगर निगम के ठेका सफाई कर्मियों द्वारा हड़ताल की जा रही है। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजार से लेकर गली-मोहल्ले गंदगी से पट गए हैं। इससे लोगों का आवागमन भी खासा मुश्किल हो गया है। हर कोई नगर निगम प्रशासन को कोसता नजर आ रहा है।
नगर निगम में तैनात ठेका कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर चला आ रहा गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा है। ठेके पर तैनात करीब 720 कर्मचारियों का दो माह से मानदेय नहीं मिला है। इसका प्रमुख कारण दो वर्ष तक ठेका उठाने के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले है। घोटाले में संलिप्त पूर्व चेयरमैन से लेकर अधिकारी और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इन हालात में प्रशासक बकाया दो माह का भुगतान कर अपनी कलम नहीं फंसाने चाहते हैं। कर्मचारियों को दो माह भुगतान करने से पूर्व जिला और नगर निगम प्रशासन द्वारा नए टेंडर कराने की मशक्कत में जुटा है।
डीएम और उपायुक्त भले ही ठेका कर्मियों को जल्द दो माह का बकाया मानदेय देने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन ठेका सफाई कर्मी बिना भुगतान कार्य करने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि ठेका कर्मियों की लगातार चौथे दिन शनिवार को भी हड़ताल जारी रही। ठेका सफाई कर्मियों में लगातार पनप रहे आक्रोश को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारी और सेनेटरी इंसपेक्टर भी नगर निगम में नजर नहीं आ रहे हैं।
कूड़े के ढेर के चलते बाजार में जाम के हालात
चार दिनों की हड़ताल के कारण पूरा शहर गंदगी से पट गया है। शहर के मुख्य सुभाष तिराहा, आगरा गेट, गांधी पार्क, बाग छिंगामल, सेंट्रल टाकीज, गंज चौराहा, सदर बाजार, घंटाघर, छोटा चौराहा, गली बौहरान, नालबंद से लेकर रसूलपुर, स्टेशन रोड, कोटला रोड, जलेसर रोड, सर्विस रोड जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कई स्थानों पर कूड़े ढेर इतने बढे़ हो गए हैं कि जाम के सबब बन रहे हैं।