देहात क्षेत्रों और नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर चरमराई अव्यवस्थाएं
स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मियों की हड़ताल के साथ फार्मासिस्टों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक चरमरा गई। देहात क्षेत्रों में इमरजेंसी सेवाएं बदहाल रही। प्रसव केंद्र सिर्फ एएनएम के भरोसे रहे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दूर-दराज इलाकों से मरीज पहुंचे लेकिन स्टाफ नहीं मिलने पर लौट गए। जिला एवं महिला अस्पताल के अलावा सीएमओ दफ्तर में भी हड़ताल का असर नजर आया।
हड़ताल के चलते जिला अस्पताल के वार्डों में ड्रिप लगाने एवं दवाओं देने का जिम्मा ट्रेनिंग कर रहे स्टाफ के भरोसे रहा। महिला अस्पताल में भी भर्ती मरीजों को दिक्कतें हुईं। हालांकि सरकारी स्टाफ ने व्यवस्थाएं संभाली। खैरगढ़ के सीएचसी पर दवा लेने पहुंची कुमारी सीमा देवी, कुमारी हेमा, गुडिया, अमरपाल सिंह, शेखपुरा के उमाकांत और गुड्डू को बिना दवा के लौटना पड़ा। इमरजेंसी व्यवस्थाओं में शामिल प्रसव केंद्र पर भी कोई चिकित्सक एवं स्टाफ नहीं था। वहीं, शहरी इलाकों में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र कौशल्या नगर, नगरी स्वास्थ्य केंद्र दम्मामल नगर में ताला लटका रहा।
फार्मासिस्टों ने सीएमओ दफ्तर पर किया धरना
फीरोजाबाद। सीएमओ दफ्तर में जिले के समस्त डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सभी फार्मासिस्टों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रभारी सीएमओ डॉ. आरएन गुप्ता को दिया। अध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट संवर्ग की वेतन विसंगतियों, पद सृजन, संवर्ग का पुनर्गठन सहित सभी मांगों को सकारात्मक लिया जाए। ब्लड बैंक एवं पोस्टमार्टम हाउस में फार्मासिस्टों की तैनाती दी गई है लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा पदों पर कार्य न लेकर ड्रग एवं फार्मेसी एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में डॉ. वेदप्रकाश राठौर, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. महावीर सिंह, डॉ. यतींद्र कुमार, डॉ. जगदीश, डॉ. नीरज बघेल आदि शामिल रहे।
जिले मे तैनात स्वास्थ्य कर्मी
डिप्लोमा फार्मासिस्ट - 80
संविदाकर्मी -559
रेग्यूलर स्टाफ -600