दूषित पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दूर करने को जलकल विभाग की टीमें दिनभर क्षेत्र में दौड़ती नजर आईं। टीमों द्वारा वर्षों पुराने नाले-नालियों में पड़े दो दर्जन कनेक्शन कटवा दिए। वहीं लोगों को चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त कनेक्शन स्वयं हटवा लें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी।
सर्दी के सीजन में भी जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है। पाइप लाइनों के सहारे घरों तक पहुंच रहे दूषित पानी से जनता परेशान है। जनता द्वारा हर रोज कंट्रोल रूम में पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा रही है। हालात यह है कि नवंबर के आधे में आधा सैकड़ा से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। अमर उजाला में दूषित पेयजल आपूर्ति से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद जलकल विभाग की नींद टूटी। अवर अभियंता पीके सिंह के निर्देश पर जलकल विभाग की टीमें संबंधित क्षेत्रों में दौड़ती नजर आईं। शहर में क्षतिग्रस्त पड़ी पाइप लाइनों को सही कराया गया। यही नहीं जिन लोगों की पाइप लाइनें वर्षों पुरानी, क्षतिग्रस्त हाल में नाले-नालियों में पड़ी थीं, ऐसे करीब दो दर्जन कनेक्शन कटवा दिए गए।
नगला बरी में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत पर जलकल विभाग की टीम ने ठारपूठा स्थित हनुमान जलाशय स्थित नलकूप को चेक किया तो पाया कि नलकूप से मिट्टी आ रही थी, इसी से दूसरे क्षेत्रों में भी गंदा पानी पहुंच रहा था। अवर अभियंता पीके सिंह ने बताया कि नलकूप आपरेटर को निर्देश दिए हैं कि 15-20 मिनट खाली नलकूप चलाने के बाद पाइप लाइन में आपूर्ति खोली जाए।