शिकोहाबाद। थाना क्षेत्र के एक सट्टा माफिया की 17 साल की बेटी मंगलवा रात संदिग्ध परिस्थित में फंदे पर लटक गई। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में बुधवार को उपचार के दौरान किशोरी की मौत हो गई। मृतका की मां ने पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विभाग पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है।
साथ ही कहा कि अभी तक जांच में यह भी सामने आया है कि किशोरी की किसी पुरुष दोस्त से नजदीकी थी, जिसका विरोध खुद उसका परिवार ही करता था। आरोप-प्रत्यारोप के बीच बुधवार देर रात तक पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव का इंतजार करती रही। मगर, परिजन इसे पुलिस के सामने नहीं लाए।
किशोरी की मां का आरोप है कि पुलिस के तीन कर्मी लगातार उनके घर आकर दबिश देते थे और बेटी के पिता को जेल भेजने की धमकी देते थे। इसी से बेटी भयभीत थी। दूसरी ओर, पुलिस ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीओ अमरीश कुमार के अनुसार किशोरी के पिता को आधिकारिक तौर पर सट्टा माफिया घोषित किया गया है और उसके दादा के खिलाफ भी पूर्व में आपराधिक कार्यवाही हो चुकी है। अपराधी की निगरानी के लिए पुलिस का घर जाना एक सामान्य प्रक्रिया है। पुलिस का दावा है कि आत्महत्या के पीछे के कारण कुछ और हैं और परिवार अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि से ध्यान भटकाने व पुलिस पर दबाव बनाने के लिए यह आरोप लगा रहा है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि किशोरी का उसके दोस्त से नजदीकी परिवार वालों को सहन नहीं थी। इसी कारण उसे डांटा भी गया था। संभावना यह भी है कि इस कारण फंदा लगाया हो। इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने बताया कि बुधवार देर रात तक परिवार वालों ने किशोरी के शव को भी पुलिस के सामने नहीं किया, जिससे कि उसका पोस्टमार्टम कराया जा सके और मौत का कारण पता किया जा सके।