फिरोजाबाद। जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से शहर के सरकारी व अस्पतालों में बायो मेडिकल निस्तारण में बड़ा खेल चल रहा है। बायो मेडिकल वेस्ट के एकत्रिकरण के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। हकीकत में बायो मेडिकल वेस्ट सार्वजनिक जगहों पर फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए बनाई गई जैव चिकित्सा अपशिष्ट नियावली 2016 का उल्लंघन किया जा रहा है। स्वायतशासी मेडीकल कॉलेज कैंपस एवं निजी चिकित्सालयों से निकलने वाले चिकित्सीय अपशिष्ट व अन्य सामग्री को खुले में पसरे आसानी से देखे जा सकते हैं। वहीं कंपनी का भुगतान पूरा किया जा रहा है। एनजीटी व सीपीसीबी (केद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) बेहद गंभीर है। ये गंभीरता केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है। यही कारण है कि निगम एरिया में संचालित निजी एवं सरकारी चिकित्सा संसाधनों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट) की अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार चार चरणों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण होना चाहिए। इन निजी व सरकारी अस्पतालों में केवल जैव अपशिष्ट के निस्तारण उचित प्रबंधन तो दूर एकत्रीकरण में बड़ा झोल है।
यही कारण है कि शुक्रवार को सरकारी ट्राॅमा सेंटर एवं स्वायतशासी मेडीकल कॉलेज कैंपस में कई जगहों पर बायो मेडिकल बेस्ट पसरा दिखा। गंभीर विषय है कि कुछ किशोर खुले में पसरे उक्त बायो मेडिकल वेस्ट के कचरा को बीनते नजर आए।
अस्पतालों निकलते हैं, चार प्रकार के जैव चिकित्सा अपशिष्ट
-इंजेक्शन लगाने में प्रयुक्त सीरिंज, पट्टी व ड्रेसिंग में प्रयुक्त होने वाले कॉटन।
-तरल अथवा शुष्क दवाओं के पैकिंग आयटम।
-प्लास्टिक वेस्ट पैकिंग वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट।
-शल्य चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाले उपकरण एवं अन्य सर्जिकल सामान।
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जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण के नियम
पर्यावरण सुरक्षा और संचारी रोग के प्रसार के लिए जैव चिकित्सा अपशिष्ट को बड़ा खतरा मानते हुए एनजीटी ने वर्ष 2016 को नियमावली जारी की। नियमावली के तहत जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण को नियमावली तय की। इसमें जैव अपशिष्ट के एकत्रीकरण बेहद सुरक्षित जगह पर होना चाहिए।तदोपरांत एक सील्ड वाहन में ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट को निस्तारण सेंटर तक पहुचाना अनिवार्य है। जैव चिकित्सा अपशिष्ट को किसी दशा में खुले में फेंकना या जलाना गैर कानूनी है।
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निगरानी के लिए हैं 3 समितियां, फिर भी हो रही लापरवाही
जैव अपशिष्ट प्रबंधन व निस्तारण पर नजर रखने को जिला पर्यावरण समिति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में बनी अनुश्रवण बनी है।
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-मैसर्स जेआरआर कंपनी पर मेडिकल कॉलेज से बायो मेडिकल वेस्ट का एकत्रिकरण व निस्तारण का जिम्मा है। अगर कोई लापरवाही बरती जा रही है तो कंपनी व मेडिकल कॉलेज में तैनात निगरानी टीम की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बलवीर सिंह, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
-बायो मेडिकल वेस्ट के एकत्रिकरण व निस्तारण में अगर कोई लापरवाही बरती जा रही है, तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ही जिम्मेदार है। निजी अस्पतालों व अन्य जगहों पर बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. रामबदन राम, सीएमओ