खाद्य सुरक्षा मिशन के राशनकार्ड निरस्त करने एवं नए कार्ड नहीं बनाए जाने से आक्रोशित महिलाओं ने जिला पूर्ति कार्यालय पर हंगामा किया। महिलाओं का आरोप था कि पांच-पांच सौ रुपये नहीं दिए इसके कारण उनका नाम सूची से कटवा दिया गया। नगर विधायक मनीष असीजा मुख्यालय पहुंचे तो उन्होंने खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने एसडीएम सदर रवींद्र मादंड को गरीब महिलाओं की हकीकत बताई। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार हावी होने का आरोप लगाया। एसडीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा फार्मों को जमा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिले में तीन लाख 51 हजार परिवारों को दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं एवं तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल मिल रहा है। हकीकत में देखा जाए तो विभाग एवं राशन डीलरों की मिलीभगत से बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोगों के कार्ड नहीं बनाए गए। लोग राशनकार्ड बनवाने के लिए कभी राशन डीलर की दुकान पर तो कभी विभाग के दबरई कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश हैं। विभागीय अधिकारी उनकी वेदना सुनने को तैयार नहीं है। विभाग द्वारा नगर निगम से जांच कराई तो तीन हजार गरीबों के नाम सूची से काट दिए। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में राशनकार्ड को थामे जिला मुख्यालय पहुंची। किसी के हाथ में भरा हुआ फार्म था तो किसी के हाथ में विभाग द्वारा निरस्त किया कार्ड। महिलाएं जिला पूर्ति कार्यालय का घेराव किए हुए थीं। नगर विधायक मनीष असीजा महिलाओं के बीच पहुंचे। विधायक के साथ महिलाओं ने डीएसओ कार्यालय घेरा तो वहां एसडीएम सदर रवींद्र मादंड एवं एसडीएम मुख्यालय सत्यपाल सिंह पहुंचे। विधायक के साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता, सत्यवीर गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष सुनील शर्मा, अनिल भारद्वाज एवं अजय गुप्ता थे। नगर विधायक मनीष असीजा ने एसडीएम से कहा कि राशन डीलरों एवं विभाग के अफसरों की मिलीभगत के कारण गरीबों के राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं। राशनकार्ड बनाने के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये की डिमांड की जा रही है। नहीं देने पर फटकार कर भगाया जाता है। एसडीएम सदर ने निष्पक्ष जांच कराने तथा महिलाओं के फार्म जमा कराने का भरोसा दिया। इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय का काउंटर खुलवाकर फार्मों को जमा कराया। उन्होंने कहा कि फार्मों की जांच कराकर नए कार्ड बनाए जाएंगे। इस दौरान योगेश शंखवार, मनोज शंखवार, विरमा देवी, रामकली देवी, नाजमा बेगम, किशना देवी, जनकश्री, राम देवी, सरिता देवी, रंजीता देवी, संगीता देवी, राम ढकेली के साथ काफी लोग शामिल थे।
खाद्य सुरक्षा मिशन की खास बातें
- 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में 8.11 लाख हैं परिवार।
- कुल 3.51 लाख परिवारों के बने खाद्य सुरक्षा के कार्ड।
- शहरी क्षेत्र डेढ़ लाख परिवारों में 83 हजार को मिलता है लाभ।
नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में होगी जांच
खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत पात्रों के नाम सूची से काटने की जांच के लिए डीएम निधि केसरवानी ने नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में लेखपालों की टीम गठित की है। यह टीमें नगर निगम के द्वारा जो राशनकार्ड निरस्त किए गए हैं उनकी जांच करेगी। यदि निगम के कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्टाफ अभाव से जूझ रहा है विभाग
खाद्य सुरक्षा मिशन योजना लागू होने के साथ पूर्ति विभाग पर कामकाज का बोझ बढ़ा है वहीं विभाग स्टाफ अभाव से जूझ रहा है। विभाग में जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार दो जिलों का काम संभाल रहे हैं। क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी रीतेशचंद्रा के अलावा एक इंस्पेक्टर है। आखिर स्टाफ अभाव होने के कारण विभाग भी दूसरे विभागों पर आश्रित है। इसके कारण भी गलती हो रही है।