छोटा चौराहा स्थित इमामबाड़ा वाली गली स्थित चूड़ी बाजार में पसरा सन्नाटा
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी के कांच एवं चूड़ी जुड़ाई से जुड़े श्रमिकों की लंबे अर्से से चली आ रही मांग को प्रदेश सरकार ने मान लिया है। चूड़ी जुड़ाई करने वाले श्रमिकों को अब सौ तोड़ा पर मजदूरी 2800 से तीन हजार रुपये तक मिलेगी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दस हजार से पांच लाख रुपये तक उपचार के साथ बीमा योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों को दिया जाएगा। प्रदेश के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने नगर विधायक मनीष असीजा द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में दिए हैं।
कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों को मिलने वाली मजदूरी को लेकर आए दिन आवाज उठाई जाती रही लेकिन स्पष्ट शासनादेश जारी नहीं होने के कारण श्रमिकों को उनकी मांग के अनुरूप मजदूरी नहीं मिल सकी। नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा के सत्र कहा कि कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों को उचित मानदेय नहीं मिल पा रहा है। सवाल उठाने के साथ-साथ शहर के उन मोहल्लों का जिक्र किया था जहां चूड़ी जुड़ाई, सधाई एवं छंटाई आदि का काम करने वाले श्रमिक रहते हैं। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जानकारी देते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन कराए जाने का काम 21 फरवरी 2021 से ऑनलाइन प्रारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत श्रमिकों को दस हजार से लेकर पांच लाख तक की सहायता श्रमिक को प्रदान की जाएगी। कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़े करीब पांच लाख से अधिक श्रमिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की श्रेणी में आते हैं। चूड़ी जुड़ाई श्रमिक नेता रामदास मानव ने बताया कि पहले सौ तोड़े पर 2400 रुपये मजदूरी मिलती थी। छह सौ रुपये प्रति सैकड़ा मजदूरी बढ़ाए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सौ तोड़ा पर बीस श्रमिक लगते हैं, उनके लिए आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।