एक छोटी सी लापरवाही और 24 घंटे तक सांस रोक देने वाला भयानक मंजर...। शहर के कोहिनूर रोड इलाके की नौ साल की मासूम बच्ची के गले में सिक्का अटक गया। न मुंह से अन्न का दाना उतरा और न पानी की एक बूंद। हर बीतते मिनट के साथ मासूम दर्द से तड़पती रही और बदहवास परिजन की सांसें अटकी रहीं। रविवार देर शाम आखिरकार स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के डॉक्टरों ने जोखिम भरे ऑपरेशन के जरिए गले से सिक्का निकाला।
कोहिनूर रोड निवासी आरिफ की नौ वर्षीया पुत्री इकरा खेल-खेल में सिक्का निगल बैठी। सिक्का सीधे जाकर उसकी भोजन नली के ऊपरी हिस्से में फंस गया। सिक्के के कारण बच्ची का गला अवरुद्ध हो गया, जिससे उसे थूक निगलने और सांस लेने तक में असहनीय दर्द होने लगा। परिजन स्थानीय स्तर पर अपने तरीकों से सिक्का निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन जब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मासूम की तड़प कम नहीं हुई तो उनके हाथ-पांव फूल गए। रविवार शाम करीब छह बजे जब परिजन बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे, तो मासूम दर्द से बेहाल और निढाल हो चुकी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ईएनटी (नाक, कान, गला) विभाग के डॉक्टर हरकत में आए। जांच में गले के अंदर सिक्का फंसे होने की पुष्टि होते ही ऑपरेशन थियेटर ले जाकर बच्ची को बेहोश कर दूरबीन तकनीक से सिक्का सुरक्षित निकाला।