शौचालयों में घाटिया सामग्री का प्रयोग, जागरूकता का अभाव
ओडीएफ अभियान के कागजी दावों से इतर गांवों की हकीकत
रूपसपुर में खुले में शौच तो आलमपुर जारखी में प्रयोग से पहले गिरे शौचालय
ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) अभियान में फीरोजाबाद का नाम प्रदेश में अव्वल हो लेकिन हकीकत इससे इतर है। ढाई सौ परिवार वाले ओडीएफ घोषित गांव रूपसपुर में महिलाएं एवं युवा खुले में शौच जाते नजर आए। वहीं ओडीएफ की कतार में शामिल होने को आतुर आलमपुर जारखी का हाल और भी खराब मिला। प्रधान ने खुद गांव को ओडीएफ बनाने की पहल की,लेकिन उनके प्रयास में खामी दिखी। गांव में बनवाए गए शौचालयों की गुणवत्ता काफी खराब थी। ग्रामीणों की मानें तो घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण कई शौचालय प्रयोग से पहले ही धराशायी हो गए।
‘अमर उजाला’ की टीम रूपसपुर पहुंची। यहां स्कूल का शौचालय बंद था। माध्यमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश यादव ने बताया कि यहां पानी नहीं है तो शौचालय का प्रयोग कौन करे? महिलाएं शौच कर घर लौटतीं दिखी।
वहीं आलमपुर जारखी में पात्रों की संख्या 180 है। शौचालय की धनराशि प्रधान को नहीं दी गई। प्रधान अखिलेश यादव ने खुद गांव को ओडीएफ बनाने की पहल की। खुद की धनराशि से शौचालय बनाने की शुरुआत की लेकिन गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। रामवीर यादव का शौचालय गिर गया। वहीं अजयपाल यादव के घर के अंदर बना शौचालय प्रयोग से पहले ही टूट गया। पूर्व प्रधान के प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह ने कहा कि शौचालय बनाने में घटिया ईंटें, सामग्री प्रयोग की गई। गड्ढा एक बनाया गया।
......बोले ग्रामीण......
शौचालय घटिया किस्म के बनाए गए हैं। बनने के साथ गिरना शुरू हो गए। आखिर इस हाल में इनमें शौच कौन जाएगा? हमारी तो कोई सुनने वाला नहीं है।
अजुद्धी प्रसाद आलमपुर जारखी
शौचालय का मांग की लेकिन हमारा नंबर नहीं आया। कोठी वालों के शौचालय बनाए जा रहे हैं। शौचालय बनें तो सभी के बनें तभी गांव ओडीएफ होगा।
द्वारिका प्रसाद आलमपुर जारखी
- हमारा गांव ओडीएफ घोषित हुआ। हम निगरानी करते हैं। कुछ परिवार नहीं मानते। हमारा प्रयास होगा कि उन्हें जागरूक करने का काम करें।
आकाश उपाध्याय रूपसपुर
- अधिकांश ग्रामीण शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। निगरानी टीम सक्रिय रहती है। स्कूल का शौचालय अवश्य खराब है। सफाई कर्मी पूरा समय नहीं देतीं।
नरेंद्र कुमार रूपसपुर
विश्व बैंक की उपाध्यक्ष ने दी थी दस्तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को देखकर हर किसी में जागरूकता आई। खुले में शौच जाने से होने वाली बीमारियों के प्रति ग्रामीणों को जगाने की शुरूआत हुई। जिले में अभी तक 71 गांव ओडीएफ घोषित हुए और सौ कतार में हैं। जिले में बेहतर काम की तारीफ प्रदेश और देश ही नहीं विदेश तक में हुई। विश्व बैंक की उपाध्यक्ष लौहरा टक पूरी टीम के साथ आईं। गांवों की तारीफ की।
शौचालय गुणवत्ता युक्त बनाए हैं। हमें फूटी कौड़ी प्रशासन से नहीं मिली। अजयपाल ने शौचालय को खुद तोड़ा है। रामवीर ने एक घर पर और दूसरा प्लाट पर बनवाया है। प्लाट पर बना शौचालय टूटा है। गांव को ओडीएफ करने को पात्रों को शौचालय दिए हैं।
अखिलेश यादव प्रधान आलमपुर जारखी फीरोजाबाद।
यदि कोई प्रधान शौचालय का निर्माण घटिया सामग्री से कराएगा तो उसे भुगतान नहीं किया जाएगा। हमारा प्रयास लाभार्थी खुद शौचालय बनाए और भुगतान ले। सुविधा संपन्न लोग अपने पास से शौचालय बनाएं।
कर्मेंद्र सिंह सीडीओ फीरोजाबाद।
- 54 हजार शौचालय का जिले में अभी तक हो चुका है निर्माण।
- 50 करोड़ से अधिक धनराशि हो चुकी खर्च शौचालय निर्माण में।
- जिले में 71 गांव ओडीएफ घोषित।