सीबीआई टीम सारा के शव का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशानों को दर्शाने और न दर्शाने पर जांच कर रही है। सीबीआई ने चोट के निशानों को जांच का बिंदु बनाया है। साथ ही चिकित्सक और नायब तहसीलदार के साथ सारा के शव का पंचनामा भरने वाले पुलिसकर्मी से पूछताछ की है।
सारा हत्याकांड में सीबीआई की टीम ने नोटिस भेजकर चिकित्सक पंकज राकेश, फार्मासिस्ट देवेंद्र, स्वास्थ्य कर्मचारी ज्ञानचंद्र के साथ उपनिरीक्षक उमर फारुख और नायब तहसीलदार कृष्ण मुरारी दीक्षित को 12 जनवरी को दिल्ली एम्स अस्पताल में तलब किया था। शुक्रवार को सभी लोग वापस आ गए। यहां सभी लोगों से एम्स अस्पताल में पहले एक साथ पूछताछ की गई थी। इसके बाद सभी लोगों को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो सीबीआई अधिकारियों के साथ एम्स के चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों से यह भी पूछा किया गया कि सारा के शरीर पर कहां-कहां पर चोट के निशान थे। कौन-कौन सी चोटों से खून निकल रहा था। साथ ही उसके चेहरे पर खून था अथवा नहीं। साथ ही उसके शरीर पर कौन सी ऐसी चोट थी जिससे खून नहीं निकल रहा था। पंचनामा में कुछ ऐसी चोटों का जिक्र नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि सारा के शव का पोस्टमार्टम और कागजों को तैयार करने में जल्दबाजी तो नहीं की गई। इसलिए सीबीआई के अधिकारियों ने उपनिरीक्षक, नायब तहसीलदार के साथ चिकित्सक को भी जांच में शामिल करने के साथ ही उनके बयान दर्ज किए हैं।