इंडस्ट्रियल एरिया में नगर निगम की ओर से जबरन थोपे जा रहे टैक्स के विरोध में उद्यमियों ने गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र पर उपायुक्त उद्योग के साथ बैठक की। इसमें उद्यमियों ने कहा कि जब इंडस्ट्रियल अब तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया तो टैक्स कैसे वसूला जा सकता है।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को उद्यमियों ने अपनी समस्या रखी। नगर निगम प्रशासन इंडस्ट्रियल एस्टेट में बिना कोई सुविधा मुहैया कराए उद्यमियों से जबरन टैक्स वसूली का प्रयास कर रहा है। डीएम की अध्यक्षता में होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमी नगर निगम द्वारा टैक्स वसूलने के प्रयास का लगातार विरोध करते चले आ रहे हैं। बावजूद इसके नगर निगम अफसर आए दिन इंडस्ट्रियल एस्टेट में व्यापारियों से टैक्स जमा कराने का दबाव डालते हैं। उद्यमी मोहन बाबू अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम इंडस्ट्रियल एस्टेट में अभी तक कोई सुविधा मुहैया नहीं करा रहा। उद्यमी स्वयं सड़क, नाली निर्माण कराने के साथ स्ट्रीट लाइटें लगवा रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र ने अभी तक इंडस्ट्रियल एस्टेट को नगर निगम के हैंडओवर नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में नगर निगम कैसे टैक्स ले सकता है। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यदि इंडस्ट्रियल एस्टेट नगर निगम के हैंडओवर हो जाएगा तो वहां विकास कार्य आसानी से हो सकेंगे। बैठक के दौरान कुछ उद्यमी इंडस्ट्रियल एस्टेट को नगर निगम को हैंडओवर करने के पक्ष में दिखे तो कुछ ने असहमति जताई। बैठक में संजय अग्रवाल, विनय नरूला, मनोज मित्तल, मोहन बाबू अग्रवाल, दीपक गुप्ता बिटिया सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे। वहीं टैक्स लगाने के संबंध में शुक्रवार को नगर आयुक्त रामऔतार रमन की अध्यक्षता में पुन: बैठक होगी। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उद्योग बंधु की बैठक में डीएम द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में नगर आयुक्त के समक्ष उद्यमी अपना पक्ष रखेंगे।