चार गुना मुआवजा नहीं मिलने तक काम नहीं करने देंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रशासन को दी चेतावनी
एसडीएम किसानों के बीच पहुंचे, वार्ता में नहीं दिया कोई ठोस आश्वासन
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि फीरोजाबाद के भोले-भाले किसानों के साथ प्रशासन एवं सरकार ने छलावा किया है। भूमि का बैनामा फुट एवं मीटर के हिसाब से होना चाहिए। लेकिन एक बीघा का बैनामा कराके तीन-तीन बीघा भूमि घेर ली। भाकियू चुप्पी साधकर नहीं बैठेगी। किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिलता तब तक काम बंद रहेगा। प्रशासन खुद तय कर लें।
भाकियू नेता हाथवंत ब्लाक के बाहर किसानों को संबोधित कर रहे थे। भोले-भाले किसान को भूमि अधिग्रहण के नियमों की जानकारी नहीं होती। फीरोजाबाद के प्रशासन ने किसानों को धमकाकर एवं बरगलाकर बैनामा करा लिया। उनको मामूली मुआवजा दिया। नियम यह है कि किसान को चार गुना मुआवजे के साथ जिस किसान की भूमि ली जाए उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। अन्यथा पांच लाख रुपया मिले।
प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन ने कहा कि हमें संगठित होकर लड़ाई लड़नी होगी। हम सभी सपा की लूट-खसोट का जवाब चुनाव में देंगे। सपा कार्यकर्ताओं को गांव में नहीं घुसने दें। मंडलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। वार्ता के लिए एसडीएम जसराना महेंद्र सिंह पहुंचे। उनके साथ में काफी पुलिस फोर्स एवं पीएसी थी। उन्होंने डीएम के जिले में नहीं होने तथा किसान नेताओं से पहले ही डीएम से वार्ता होने की बात कही। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि, फिर तो पैसा देने के बाद ही काम शुरू होगा। किसानों से काम बंद रखने का आह्वान किया। प्रशासन ने फिर भी ध्यान नहीं दिया तो किसान नहर को समतल करेंगे। उन्होंने सभा के बाद ग्राम ललउआ के किसानों के साथ बनाए जा रहे डैम का निरीक्षण किया। प्रदर्शन में करीब दो हजार से अधिक किसान शामिल थे। किसानों के धरने को अरविंद शाक्य जिलाध्यक्ष फर्रुखाबाद, तिलक सिंह राजपूत जिलाध्यक्ष व राजा ठाकुर महामंत्री मैनपुरी, सतेद्र सिंह जिलाध्यक्ष इटावा, सुरेंद्र सिंह जिला प्रवक्ता, रामवीर सिंह जिलाध्यक्ष, सुल्तान सिंह प्रदेश सचिव, पंडित रामनरेश उपाध्यक्ष एवं ब्रजेश कुमार जिला संगठन मंत्री, शिशुपाल सिंह सविता, चूरामणि भाटिया ने विचार व्यक्त किए।
जेडाझाल परियोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजना है। काम काफी तेजी से चल रहा है। यदि कोई जबरदस्ती काम रुकवाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्र सिंह, एसडीएम जसराना
छावनी में तब्दील रहा हाथवंत
किसान नेताओं के आने एवं धरना स्थल पर किसानों के जुटने को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एसडीएम जसराना, सीओ शिकोहाबाद के साथ खैरगढ़, फरिहा एवं मक्खनपुर के ही साथ कई थानों की फोर्स एवं पीएसी को तैनात किया गया था, ताकि किसानों के उग्र आंदोलन को रोका जा सके।