शिक्षक भर्ती में कम आवंटित पदों को लेकर सोमवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान उन्होंने बीएसए दफ्तर पर तालाबंदी कर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मामले में बीएसए और डिप्टी बीएसए से तीखी नोकझोंक भी हुई। एक घंटे तक चले हंगामे में दफ्तर का कार्य अवरुद्ध हुआ।
प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर भर्ती के लिए 12460 जगह निकली हैं। इनमें से फीरोजाबाद में कुल 105 पद आवंटित हुए हैं। वहीं, बीटीसी 2013 तक प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या दो हजार करीब है। योजनबद्ध तरीके से अभ्यर्थी सुबह 10 बजे से बीएसए दफ्तर पहुंचना शुरू हो गए। करीब 11 बजे बाद अभ्यर्थियों ने बीएसए दफ्तर का ताला डाल दिया। डिप्टी बीएसए तरुण कुमार मौके पर पहुंचे तो अभ्यर्थियों से तीखी नोकझोंक हुई। डिप्टी बीएसए ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर कार्रवाई के लिए डराया, लेकिन अभ्यर्थी मांगों को लेकर डटे रहे। इसके बाद बीएसए सचिदानंद यादव ने दफ्तर पहुंचकर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों को समझाया। बीएसए ने शासन तक उनकी बात पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस पर एक घंटे बाद अभ्यर्थियों ने बीएसए दफ्तर का ताला खोला।
वहीं, प्रशिक्षु अभिषेक यादव ने बताया कि दो हजार बीटीसी प्रशिक्षुओं के सापेक्ष जिले में सिर्फ 105 पद आवंटित हुए हैं। तीन महीने से लगातार गुमराह किया जा रहा है। वहीं, एक हजार से अधिक पद जिले में खाली हैं। यतेंद्र कुमार का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को शहरी क्षेत्र में समायोजन का आदेश हो गया है। बीएसए विभाग समायोजन प्रक्रिया शुरू नहीं करा रहे हैं। करिश्मा ने कहा कि बीएसए प्रयास करें तो भविष्य सुधर जाएगा। प्रिया सिंह ने कहा कि भर्ती में आवंटित पदों के सापेक्ष हमारी संख्या देखकर भी पद खाली किए जाएं।
कोट
पद शासन से स्वीकृत हैं, हमारे हाथ में कुछ नहीं है। प्रशिक्षु यूं ही हंगामा कर रहे थे। खाली पद करने के लिए हमने प्रमोशन किए थे, लेकिन हाईकोर्ट से स्टे लग गया। स्टे के खिलाफ हम कोई कार्य नहीं कर सकते हैं। हम अभ्यर्थियों की बात शासन तक पहुंचा देंगे।
सचिदानंद यादव, बीएसए
हमें कमजोर समझते हो? सीएम से बात करता हूं...
प्रशिक्षुओं को काफी समझाने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला तो बीएसए भी रोब में आ गए। हंगामा कर रहे प्रशिक्षुओं से बीएसए ने तल्ख तेवर में कहा कि हमें तुम कमजोर समझते हो? सीएम से बात करता हूं...। बोल देता हूं कि इस तरह मैं कार्य नहीं कर पाऊंगा।
बीएसए दफ्तर की कार्यशैली की खुली पोल
बीएसए दफ्तर में अभ्यर्थियों ने करीब सवा 11 बजे तालाबंदी की, लेकिन कई कर्मचारी दफ्तर घर से देरी से आने के कारण बाहर रह गए। लेखा विभाग के कर्मचारी तो 12.30 बजे तक आते दिखे। यही कार्यशैली के कारण बीएसए दफ्तर पर सवाल उठते हैं।