मक्खनपुर (फिरोजाबाद)। महिला ने अक्तूबर 2024 में खेत का फर्जी बैनामा कराने पर 12 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तीन को पहले ही जेल भेज चुकी है। बुधवार को पुलिस ने बसपा जिला प्रभारी सहित दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गांव घुनपई निवासी धनवंती देवी ने अक्तूबर 2024 में मक्खनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि बाईपास के किनारे स्थित कृषि भूमि के साढ़े तीन बीघा हिस्से का सुहाग नगर निवासी बबलू उर्फ गोल्डी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपनी मां मुन्नी देवी के नाम करा दिया था। पीड़िता ने मामले की मक्खनपुर थाने में ओझा नगर निवासी मुन्नी देवी, प्रकाश बाबू, कुलदीप, राघवेंद्र सिंह और सब रजिस्ट्रार जसराना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान कई अन्य नाम की वृद्धि की गई थी। जिनमें से चांदबाबू, नेत्रपाल, साहिल को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। बुधवार को बबलू उर्फ गोल्डी और प्रकाश बाबू को जेल भेजा गया है। जानकारी के अनुसार बबलू उर्फ गोल्डी वर्तमान में बसपा के जिला प्रभारी भी हैं।
पहचान बदलकर फर्जी बैनामा कराने वाले मुख्य आरोपी सहित सहित दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। मुख्य आरोपी कभी भी खुद की पहचान सामने नहीं आने देता था। लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान आरोप सिद्ध करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। - प्रवीन कुमार तिवारी, सीओ शिकोहाबाद
14 दिन की रिमांड पर भेजे फर्जीवाड़े के दोनों आरोपी
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेश कुमार दिवाकर की न्यायालय में बुधवार को बसपा नेता बबलू उर्फ गोल्डी के कस्टडी रिमांड पर काफी देर तक बहस चली। मामले में रिमांड पर बहस के दौरान अदालत वकीलों से खचाखच भरी रही। संबंधित थाना पुलिस ने न्यायालय के समक्ष बबलू उर्फ गोल्डी द्वारा किए गए अपराध के संबंध में की गई विवेचना को प्रकाश में समस्त तथ्यों से न्यायालय को अवगत कराया। न्यायाधीश नरेश कुमार दिवाकर ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने एवं केस डायरी पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद बबलू उर्फ गोल्डी को धारा 420 एवं 120 बी0 आईपीसी के तहत तथा दूसरे आरोपी प्रकाश बाबू को अन्य तमाम धाराओं में 14 दिन के रिमांड पर जेल भेजा गया है। संवाद