जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर एक सिपाही का बीएसएफ और आरपीएफ के जवानों से विवाद हो गया। कहासुनी के बाद मारपीट भी हुई। मारपीट में सिपाही की वर्दी फट गई तो जवानों के भी कपड़े फट गए। सूचना पर फोर्स के साथ सीओ सदर भी पहुंच गए। दोनों जवानों को पुलिस जिला मुख्यालय ले आई। इस दौरान एसएसपी भी मौके पर आ गए।
मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी बीएसएफ में तैनात नीतेश आरपीएफ में तैनात अपने भाई बृजेेश के साथ जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई से रुपये निकालने सुबह से ही लाइन में लगा था। तभी ड्यूटी पर तैनात सिपाही मनीष कुमार ने बैंक के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। इसका नीतेश और बृजेश ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। सिपाही मनीष ने हंगामे का विरोध किया तो नीतेश और बृजेश ने सिपाही को पकड़ लिया। कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। मारपीट के दौरान सिपाही की वर्दी फट गई, वहीं नीतेश और बृजेश के कपड़े भी फट गए। तभी सीओ सदर श्री भगवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों भाइयों को पकड़ लिया और जिला मुख्यालय पुलिस चौकी पर ले आए। यहां उनसे बातचीत कर घटना की जानकारी की। सूचना पर एसएसपी हिमांशु कुमार भी आ गए। नीतेश ने बताया कि वह बीएसएफ में सिपाही के पद पर है और उसकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में है। वहीं बृजेश ने बताया कि वह आरपीएफ में सिपाही के पद पर तैनात है। उसकी पोस्टिंग सिलीगुड़ी में है। दोनों भाई बैंक से रुपये निकालने के लिए आए थे। वहीं सिपाही ने कहा कि दोनों लोग लाइन में खड़े होने के बाद भी हंगामा कर रहे थे। मना करने पर मारपीट कर दी। थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि सिपाही मनीष की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सिपाही की तैनाती लाइनपार थाने में है। उसकी ड्यूटी क्यूआरटी में होने के कारण वह बैंक के बाहर एटीएम पर तैनात था।