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UP: 40 हजार की रिश्वत लेने वाले जेई और लाइनमैन का हुआ ये हाल, थाने में रात भर रोते रहे...सोए तक नहीं

Fri, 23 Jan 2026 10:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

एंटी करप्शन की टीम ने बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उन्हें रातभर थाने में रखा गया। इस दौरान वे दोनों पूरी रात रोते रहे। 
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जेई को ले जाती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शिकोहाबाद से बुधवार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार नौशहरा फीडर के जेई राजेश कुमार और संविदाकर्मी जयप्रकाश के खिलाफ एंटी करप्शन इंस्पेक्टर ने अरांव थाने में जीरो प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसे विवेचना के लिए आगरा एंटी करप्शन थाने ही ट्रांसफर किया जाएगा। इधर, बृहस्पतिवार को जेई और संविदाकर्मी को आगरा स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
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जेई राजेश कुमार निवासी मैनपुरी शहर और संविदाकर्मी लाइनमैन जयप्रकाश निवासी पृथ्वीपुर, करहल, मैनपुरी के खिलाफ नीरज कुमार निवासी नौशहरा ने एंटी करप्शन टीम को शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित को जब मुकदमे की जानकारी हुई तो 14 जनवरी को जेई से मुलाकात की। जेई ने कहा कि मामला निस्तारित कराना चाहते हो तो 70 हजार रुपये और जुर्माने का पैसा अलग से देना होगा। इसके बाद 40 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मांगे थे। इस पर एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को जेई और संविदाकर्मी की गिरफ्तारी का जाल बिछाया था। एंटी करप्शन टीम ने डीएम से बीडीओ अरांव कार्यालय के कनिष्ठ सहायक अनिकेत कुमार और न्याय लिपिक जसराना रामप्रकाश को सरकारी गवाह के तौर पर डीएम से नामित कराया था।

 

शिकायतकर्ता नीरज कुमार को रिश्वत में देने के लिए 500-500 रुपये के 80 नोट कुल 40 हजार रुपये केमिकल लगाकर दिए गए। इसके बाद नीरज ने अपने मित्र मंजेश कुमार के जरिये भूढ़ा भरथरा में माता मंदिर तिराहा पर जेई और संविदा कर्मी को रिश्वत देने के लिए बुलाया था। जैसे ही जेई और संविदाकर्मी ने रिश्वत ली, दोनों को टीम मे गिरफ्तार कर लिया था।

 
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रातभर थाने में रोया जेई और संविदाकर्मी, पहुंचे परिजन
जेई राजेश कुमार और संविदाकर्मी जयप्रकाश रातभर थाने में रोते रहे। इधर, उनके परिजन भी थाने पहुंच गए। विभाग से इनसे मिलने कोई नहीं पहुंचा। बिजली विभाग में चर्चा है कि इससे पूर्व में भी रिश्वतबाजी के लिए जेई और संविदाकर्मी द्वारा कई बार फर्जी मुकदमे लोगों पर दर्ज कराए गए और रुपये मिलने के बाद उनको खत्म करा दिया गया।

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