फिरोजाबाद। सीबीएसई ने कक्षा तीन और छह के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में सूचना जारी होने से लोगों के सामने दिक्कतें आ गई हैं। समय से नई पाठ्य पुस्तकें न मिलने पर सीबीएसई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। दुकानदारों को भी नई पाठ्य पुस्तकें आने का इंतजार है। वहीं दुकानदारों के पास पहले से पुरानी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं, जिसकी बिक्री न होने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जिले में सीबीएसई के अधीन करीब 57 विद्यालयों का संचालन हो रहा है, जिसमें करीब कक्षा एक से 12 तक करीब 40 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसमें से कक्षा तीन और छह की पाठ्य पुस्तकें बदली जाएंगी। इससे करीब छह हजार से अधिक विद्यार्थी पाठ्य पुस्तकों के बदलाव से प्रभावित होंगे। शैक्षणिक सत्र 2022-23 की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद अभिभावक नए सत्र में बच्चों के प्रवेश कराने में जुट गए हैं। कई अभिभावकों ने पाठ्य पुस्तकें भी खरीद ली हैं। वहीं दुकानदारों के समक्ष भी तमाम परेशानी उत्पन्न हो गई है। पुराने स्टॉक गोदाम में पड़े होने तथा नए पाठ्य पुस्तकें मंगवाने के लिए दुकानदारों ने भागदौड़ शुरू कर दी है। दुकानदार सचिन ने बताया कि नई पाठ्य पुस्तकें मंगवाने के लिए ऑर्डर दिया गया है। जब नई पाठ्यपुस्तकें आएंगी। तभी अभिभावकों को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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अभिभावकों के समक्ष बढ़ी परेशानी
-सीबीएसई स्कूलाें में कक्षा तीन और छह में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों के समक्ष परेशानी उत्पन्न हो गई है। अभिभावक पवन जैन ने बताया कि उन्होंने होली से पहले ही कक्षा छह में पढ़ने वाली बेटी के लिए किताबें खरीद ली थीं। अब किताबें बदले जाने की सूचना मिली हैं। पुस्तकों को बदलवाने आया हूं, लेकिन अभी किताबें नहीं मिली हैं। वहीं, अभिभावक नम्रता ने बताया कि नए सत्र के लिए किताबें खरीदने आए, लेकिन अभी नए पाठ्यक्रम की किताबें नहीं आई हैं। किताबें न मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। किड्स कॉर्नर स्कूल के प्रशासक मयंक भटनागर ने बताया कि सीबीएसई ने कक्षा तीन और छह की कुछ किताबें बदली हैं। इन किताबों को फिलहाल रोक दिया है। नई किताबें आने पर अभिभावक इसे खरीद सकेंगे।