फिरोजाबाद। तापमान में गिरावट से रक्तचाप की बीमारी बढ़ी है। इस एक माह में सरकारी अस्पतालों से मरीज चार हजार से अधिक गोलियां खा गए हैं। प्राइवेट क्लीनिकों पर ऐसे मरीजों काफी ज्यादा में पहुंचते हैं। उच्च रक्तचाप के मरीज अधिक हैं, जिनमें ज्यादातर लोग दवा के सहारे ही खुद को स्वस्थ रख रहे हैं। एक से दो फीसदी ही आदतों में बदलाव कर स्वस्थ हुए हैं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक माह में रक्तचाप के एक हजार से अधिक मरीज चिह्नित किए गए हैं। उच्च रक्तचाप होने से तमाम तरह की बीमारियां मरीज को अपनी चपेट में ले रही हैं। फिजिशियन डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि उच्च रक्तचाप बढ़ने से कोशिकाओं पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे हृदय की मांसपेशियां भारी हो जाती हैं। शरीर की जरूरत के हिसाब से रक्त प्रवाह नहीं होने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा ब्रेन हेमरेज, लकवा, दौरा पड़ने की समस्या हो जाती है।
जिस तरह तापमान गिर रहा है, वैसे ही उच्च रक्तचाप वाले मरीजों में शरीर में झनझनाहट, हाथ पैर में चीटी सी चलना जैसी शिकायतें बढ़ी हैं। सिर दर्द और बेचैनी भी हो रही है। ऐसे मरीजों को चिकित्सक नियमित दवा लेने और जीवन शैली में सुधार की सलाह दे रहे हैं।
इन दवाओं का हुआ अधिक वितरण
दवा गोलियों की संख्या
एम्लोडीपिन 1250
एस्प्रिन 1100
रामिप्रिल 940
क्लोपिरेल 800
उच्च रक्तचाप के कारण
-वजन अधिक होना, परिवार में कोई उच्च रक्तचाप से ग्रसित हो, अधिक मात्रा में नमक का प्रयोग करना, शराब, तंबाकू का अधिक सेवन करना, चिकनाई का अधिक सेवन करना, तनावग्रस्त रहना।
उच्च रक्तचाप के लक्षण
-अधिक चिंता होना, नींद नहीं आने के अलावा तेज सिर दर्द होना, घबराहट होना व सीने में दर्द होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
उच्च रक्तचाप से ऐसे करें बचाव
-रोजाना व्यायाम करें, शराब का सेवन न करें, अधिक मात्रा में नमक न लें, पौष्टिक भोजन खाएं।
अस्पतालों में दवाओं की है पर्याप्त व्यवस्था
जिले के सरकारी अस्पतालों में बीपी संबंधी दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। उच्च रक्तचाप खराब दिनचर्या की वजह से हो रहा है। उच्च रक्तचाप बढ़ने से स्ट्रोक, दिल का दौरा, आंखों के आगे अंधेरा, गुर्दे की समस्या हो जाती है। समय से दवाई नहीं लेने पर समस्या बढ़ जाती हैं।
-डाॅ. रामबदन राम, सीएमओ