बालयोगी मुनि अमित सागर महाराज का 53वां अवतरण दिवस महोत्सव नसियाजी मंदिर में धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर विधिविधान के साथ धार्मिक क्रियाएं की गईं। गजरथ यात्रा आकर्षक का केंद्र बनी रही। मुनिश्री का आशीर्वाद लेने के लिए अन्य जनपदों से भक्तजन समारोह में शामिल हुए।
अवतरण दिवस पर नसियाजी मंदिर को आकर्षक रूप प्रदान किया गया। प्रात:काल पंचामृताभिषेक एवं शांतिधारा के बाद मुनि श्री अमित सागर जी महाराज का भक्तजनों ने 53 कलशों से पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद संगीत के साथ 108 अष्ट द्रव्यों से पूजन किया गया। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। दोपहर में आयोजित कार्यक्रम में मुनिश्री को भक्तजनों ने 53 शास्त्र भेंट किए। इस मौके पर गजरथ यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई, जो समारोह में आकर्षक का केंद्र बनीं रहीं। इसके बाद मुनि अमित सागर महाराज ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। मुनिश्री को पिच्छिका भेंट करने का सौभाग्य नेमीचंद्र और राजीव कुमार जैन को मिला। समारोह में सोनीपत, सहारनपुर, मैनपुरी, इंटावा, भिंड आदि स्थानों से भी भक्त आए। रात्रि में 53 दीपों से महाआरती की गई। समारोह में धीरेंद्र जैन साहू, रतन जैन, सुनील जैन, राजीव जैन, प्रवीन जैन, हरीकिशन जैन, गुलाबचंद्र जैन, सत्येंद्र जैन, जयप्रकाश जैन, विनय जैन, नितिन जैन, प्रवीन जैन के अलावा वर्धमान महिला मंडल, गुरुभक्त मंडल के सदस्यों ने भी भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
जैन मुनि के अवतरण दिवस पर भक्तों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर समां बांध दिया। इस दौरान नृत्य, कविता और भक्ति वंदना भी प्रस्तुत की। जैन समाज के लोगों ने गुरु की गाथा का बखान किया गया।