बुधवार को सुबह से ही शहर में भक्तिमय माहौल नजर आ रहा था। कृष्णापाड़ा स्थित श्री द्वारिकाधीश जी महाराज मंदिर पर सप्त दिवसीय आयोजन के लिए पूजन हुआ। 108 कलश धारण महिलाओं ने मंगलगीत गाए। जीवाराम चौक से निकली कलशयात्रा प्रमुख मार्गों से होकर कला स्थल पर पहुंची। यहां गणेश पूजन के साथ विश्वमंगल की कामना की गई।
वृंदावन से पधारे कथा वाचक डा. संजय कृष्ण सलिल ने कहा कि चरित्र मानव निर्माण में सबसे बड़ा माध्यम है। भागवत कथा एक दर्पण के समान है इसका अनुसरण करने से जीवन को सही मार्ग प्रशस्त होगा। यजमान महावीर बंसल, अनुग्रह गोपाल, मंदिर महंत अभिषेक गौड़, डा. जीके अग्रवाल, ललित सीए, लोकेश अग्रवाल, मुकेश बंसल, विकास बंसल, आदि मौजूद रहे।
उधर, सुबह नौ बजे से सिद्धेश्वर मंदिर पर तिलक नगर में भागवत अनुष्ठान का पूजन हुआ। गोपाल आश्रम से कलश यात्रा निकाली गई। कथा वाचक पं. मुन्नालाल शास्त्री ने पूजन और हवन कराया। तिलक नगर, बौद्धाश्रम समेत आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं ने कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। सुमन मिश्रा, सपन मिश्रा, सुभाष उपाध्याय, श्यामबाबू उपाध्याय, मनोज उपाध्याय, संजीव उपाध्याय दिलीप उपाध्याय, विष्णु, विशाल, हेमंत, हिमांशू, गौरव मौजूद रहे। कथा दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक हुई।