टीबी संक्रामक रोग है। जो कि क्षय कीटाणु माइक्रोबैक्टीयम ट्युबर क्लोसिस से फैलता है। ना जाने कितने लोग इस घातक बीमारी का शिकार हुए हैं। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो सुहागनगरी में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। मतलब साफ है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही टीबी को मिटाने की मुहिम को मुकाम नहीं मिल रहा है। इसका कारण लोगों के बीच जागरूकता की कमी और बीच में इलाज बंद करना है।
केमिकल की गंध हो या फिर चूड़ी जुड़ाई और कारखानों में धधकती भट्ठियों से निकलता धुआं। इससे हजारों लोग टीबी का शिकार हो रहे हैं। डाट्स कार्यक्रम भी सफल होता नहीं दिख रहा है। जांच कराने के लिए लैब तो खुली हैं, लेकिन वहां मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस साल सुहागनगरी में एमडीआर टीबी के करीब 45 मरीज आने से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी हुई हैं।
टीवी रोगियों के आंकड़े
वर्ष जांच हुईं लक्षण मिले इन्हें बीमारी है
2012 13992 4259 2375
2013 13755 3831 2210
2014 14837 3905 2433
टीबी बीमारी की शंका कब करें?
टीवी रोग का मुख्य लक्ष्य दो सप्ताह से अधिक खांसी होना।
सायं के समय लगातार बुखार, बगलगम में खून, भूख कम लगना और वजन कम होना।
जागरूकता के लिए डाट्स कार्यक्रम
सरकार डाट्स कार्यक्रम चलाकर चिकित्साकर्मी की देखरेख में रोगियों को अल्पावधि वाली दवा का सेवन कराते हैं। प्रशिक्षित डाट्स प्रोवाइडर की देखरेख में सप्ताह में तीन बार दवा दी जाती है। इलाज के दौरान समय समय पर फालोअप कराने के लिए बलगम परीक्षण कराए जाते हैं।
यहां होती है बलगम की जांच
जिला क्षय रोग कार्यालय, नगला बरी एवं जिला चिकित्सालय। संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद पीएचसी उसायनी कोटला, खैरगढ़, एका, अरांव, मदनपुर, आनंदपुर, जारखी, बछंगाव, फरिहा, कटैनाहर्षा, जलालपुर, दबरई, भदान आदि स्थानों पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है।
टीबी रोगियों की सेवा को समर्पित है सद्भावना
सद्भावना संस्था टीवी रोगियों की सेवा के लिए समर्पित है। संस्था के अरविंद सविता सन 2010 से लगातार टीवी मरीजों को एक सेब, बिस्किट पैकेट बांटकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं। सद्भावना ने ही टीबी मरीजों के लिए पार्क भी बनवाया है।
एक टीबी मरीज लोगों के बीच में रहकर 10 अन्य लोगों को टीबी का मरीज बना सकता है। स्लम अर्बन एरिया में टीवी रोगियों की संख्या अधिक है। जनपद में करीब 672 केंद्रों पर डाट्स इलाज मिल रहा है। पांच लाख की आबादी पर प्रोबाडर तैनात हैं।
डॉ एके मित्तल, जिला क्षय रोग अधिकारी