फिरोजाबाद। शिकोहाबाद क्षेत्र के सैकड़ों वर्ष पुराने सुप्रसिद्ध बीहड़ वाली माता मंदिर का पर्यटन विभाग जीर्णोद्धार कराएगा। शासन ने दो जनवरी को मंदिर के जीर्णोद्धार को हरी झंडी देते हुए 50 लाख रुपये की पहली किस्त भी अवमुक्त कर दी है। प्रदेश सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के प्रतिनिधि सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि इस मंदिर में स्थानीय व दूरदराज के हजारों भक्त हर वर्ष माता की पूजा अर्चना के लिए आते हैं। धार्मिक व ऐतहासिक महत्व वाले इस प्राचीन मंदिर की शिकोहाबाद क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में काफी मान्यता है। नवरात्र में अन्य जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन करने और नेजा चढ़ाने आते रहते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार कराने की मांग स्थानीय लोगों ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से की गई थी। इस मांग को स्वीकृति देते हुए उन्होंने 3 करोड 88 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
मंदिर में होंगे यह कार्य
मंदिर में पर्यटकों को लुभाने के लिए भव्य प्रवेश द्वार, मंदिर परिसर की चाहरदीवारी, मल्टीपर्पज हॉल, डॉरमेट्री, मंदिर के चारों ओर सौंदर्यीकरण कार्य, पर्यटक विश्राम स्थल, शौचालय, बच्चों के खेलने के लिये पार्क, आंतरिक फ्लोरिंग, बैठक स्थल, पार्किंग, साइनेज आदि कार्य कराया जाएगा। मंदिर में उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी 7 लाख की लागत से म्यूरल वॉल वर्क कार्य कराएगी।
डकैत बंदूक से करते थे पूजा
मंदिर में कभी डकैत बंदूकों से माता की पूजा करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक समय जब बीहड़ में डकैतों का साम्राज्य था, उस समय यहां बड़े-बड़े डकैत बीहड़ वाली माता की पूजा करते थे। बंदूक की गोलियों की तड़तड़ाहट से पूजा शुरू होती थी। दिन में भी लोग यहां जाने में डरते थे। अब क्षेत्र में डकैतों का आतंक समाप्त होने के बाद यहां हजारों लोग पैदल दर्शन करने जाते हैं।