बीडीसी सदस्यों के अपहरण और उत्पीड़न के मामले का सोमवार को पटाक्षेप हो गया। अपहृत बताए जाने वाले बीडीसी ने पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर स्वयं चले जाने का शपथ पत्र दिया। वहीं पूर्व मंत्री और उनके परिवारीजनों का अपहरण की घटना में शामिल होने से इनकार किया। कहा कि ब्लाक प्रमुख के चुनाव के चलते वह अपनी रिश्तेदारी में चले गए थे। सिरसागंज पुलिस ने अधिकारियों की उपस्थिति में बीडीसी सदस्यों के बयान दर्ज करने के साथ ही जिला अस्पताल में मेडिकल कराया।
विगत 20 दिन से लापता दो बीडीसी सदस्य सोमवार को थाना सिरसागंज पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को शपथ देते हुए अपहरण की घटना से इनकार किया। बता दें कि थाना सिरसागंज क्षेत्र के गांव फक्कड़पुर निवासी बीडीसी सदस्य अजब सिंह पुत्र मुन्नालाल 20 जनवरी को लापता हो गए थे। अजब सिंह के पिता मुन्नालाल ने 23 जनवरी को सिरसागंज थाने में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ठाकुर जयवीर सिंह सहित अन्य लोगों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। वहीं दो फरवरी को नगला नरैनी निवासी कृष्णपाल भी लापता हो गया। कृष्णपाल के पुत्र हरवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह सहित अन्य उनके समर्थकों लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। सात फरवरी को होने वाले ब्लाक प्रमुख के चुनाव को देखते हुए बीडीसी सदस्यों की बरामदगी को लेकर सिरसागंज पुलिस ने पुलिस अधिकारियों के साथ सिरसागंज क्षेत्र में कई स्थानों पर दबिश भी दी, लेकिन दोनों में से एक भी सदस्य को पुलिस बरामद नहीं कर सकी।
सात फरवरी को जसराना और अरांव ब्लाक में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही रविवार को लापता बीडीसी सदस्य अजब सिंह और कृष्णपाल शपथ पत्र लेकर थाना सिरसागंज थाने पहुंच गए। पुलिस को दिए शपथ पत्र में बीडीसी सदस्यों ने कहा है कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ था। वह चुनाव के दौरान अपहरण की आशंका को नजर में रखते हुए परिवारीजनों को बिना जानकारी दिए रिश्तेदारी में चले गए थे। बीडीसी सदस्यों के लौटने की जानकारी पुलिस ने अधिकारियों को देकर बयान भी दर्ज किए। शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल में बीडीसी सदस्यों का मेडिकल भी कराया गया।
एसएसपी आवास पहुंचे भाजपा नेता
बीडीसी सदस्यों के लौटने की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष बनवारीलाल वर्मा और महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के साथ एसएसपी से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। हालांकि कप्तान के न मिलने पर वह लौट गए। कन्हैयालाल गुप्ता का कहना है कि बीडीसी सदस्यों के अपहरण का आरोप निराधार निकले है।