देश की आजादी में अद्वितीय एवं अतुलनीय योगदान देने वाले महापुरुष अतिक्रमण की कैद में है। शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित उनकी प्रतिमाएं निजी स्वार्थों की भेंट चढ़ गईं तो पार्क कब्जे का शिकार हो गए। सुहागनगरी के एक दर्जन से अधिक स्थलों पर लगी वीरों की प्रतिमाएं बदहाली का शिकार हैं और बाट जोह रही हैं दिन बहुरने के। शहर के प्रमुख सुभाष तिराहे से गांधीपार्क, सदर बाजार, शास्त्री मार्केट पर स्थापित महापुरुषों के स्थलों को लेकर प्रशासन तो लापरवाह है वहीं राजनीतिक व सामाजिक संगठन भी गंभीर नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन भी मूक दर्शक बना है। प्रतिमा स्थलों के आसपास बड़े-बड़े होर्डिंग्स, अश्लील फिल्मों के पोस्टर लगे हैं और गंदगी का अंबार है।
सुभाष तिराहा - शहर के प्रमुख सुभाष तिराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा स्थल के पीछे जहां एक स्कूल का बड़ा होर्डिंग नजर आ रहा है तो दूसरी ओर एक मॉल का प्रचार हो रहा है। नेताजी के प्रतिमा के पीछे मोची जूते-चप्पल गांठता नजर आया।
गांधीपार्क - गांधीपार्क चौराहे पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के आगे-पीछे बड़े-बड़े होर्डिंग नजर आए। प्रतिमा स्थल के आसपास काफी गंदगी नजर थी। ऐसा लग रहा था जैसे वहां महीनों से झाड़ू तक नहीं लगी। कुछ ऐसा ही नहीं नजारा गांधीपार्क में अंदर महात्मा गांधी की प्रतिमा का था। प्रतिमा स्थल के फाउंडेशन के अंदर काफी गंदा पानी भरा हुआ था।
चंद्रशेखर मार्केट- शहर के प्रमुख चंद्रशेखर मार्केट में स्थापित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के आसपास चारों तरफ गंदगी का नजारा था। प्रतिमा स्थल का फाउंडेशन भी पूरी तरह जीर्ण शीर्ण नजर आया। पार्क में ठेल व साइकिल खड़ी कर अतिक्रमण कर रखा था।
शास्त्री मार्केट - शास्त्री मार्केट में स्थापित लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के निकट काफी मलवा पड़ा हुआ था। पूरे पार्क में गंदगी एवं कूड़ा थी। पार्क में दुकानदारों, ग्राहकों ने वाहन खड़े कर पूरी तरह अतिक्रमण कर रखा था।
रसूलपुर : रसूलपुर में देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी राजाबाबू वासलस पार्क है, जो पूरी तरह बदहाली का शिकार है। राजा बाबू वासलस पार्क में हर ओर गंदगी, कूड़ा करकट का नजारा दिखाई दिया। पार्क में कई स्थानों से फाउंडेशन टूटा हुआ था। पार्क के ठीक सामने ट्रक व अन्य वाहन खड़े नजर आए।