फीरोजाबाद। बैंकों पर ताले लटके देखकर सुबह उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। बैंकों के बाहर बंदी के संबंध में कोई नोटिस चस्पा न होने से भी परेशान का सामना करना पड़ा।
बैंक अफसरों, कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को बंदी की मांग उठाई जा रही थी। बैंक अफसरों का तर्क था कि शनिवार को दोपहर 12 बजे तक बैंक खोलने के आदेश के कारण पूरा दिन बर्बाद हो जाता है, माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को बैंक बंदी के आदेश जारी किए जाएं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक कर्मचारियों की मांगों को मानते हुए माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को बैंकों के अवकाश के आदेश जारी कर दिए थे। बैंक प्रबंधकों द्वारा बंदी आदेश के संबंध में कोई नोटिस चस्पा नहीं किया गया। इसका खामियाजा शनिवार को उपभोक्ताओं को उठाना पड़ा। बैंकों से धन निकासी, जमा करने व अन्य आवश्यक कार्यों से पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। बैंक खुलने के इंतजार में वृद्ध व महिलाएं काफी देर तक खड़ी रहीं।
सेंट्रल बैंक के मैनेजर मतलबू अली ने बताया कि यह आदेश अप्रैल में ही लागू होने थे, लेकिन किसी कारण वश आदेश लागू होने में देरी हो गई। रिजर्व बैंक के निर्देश पर माह के द्वितीय व चतुर्थ शनिवार को सरकारी व प्राइवेट सभी बैंक पूरी तरह बंद रहेंगी। माह के प्रथम व तृतीय शनिवार को बैंकों में पूरे समय कार्य होगा।