फिरोजाबाद। चूड़ी पर पांच रुपये प्रति तोड़ा की वृद्धि चूड़ी दुकानदारों को रास नहीं आ रही है। चूड़ी विक्रेताओं का कहना है कि गैस के रेट बढ़ने के बाद कई बार कम भी हुए हैं। गैस की रेट बढ़ने पर सादा चूड़ी पर कारखाना संचालक रेट बढ़ा देते हैं लेकिन रेट जब कम होते हैं तब घटाए नहीं जाते हैं। चूड़ी विक्रेताओं का कहना है कि इस समय चूड़ी बाजार पहले से मंदी से घिरा है। बाहर की मंडियों में विक्रेताओं का लाखों रुपया फंसा है। ऐसे में मूल्यवृद्धि अखरने वाली है।
गैस के रेट तो घटते बढ़ते रहते हैं। इससे पहले गैस के रेट करीब 20 रुपये प्रतिघन मीटर हुए थे तब भी सादा चूड़ी पर पांच रुपये की वृद्धि की गई थी, उसके बाद रेट करीब 18 रुपये प्रति घन मीटर कम हुए थे तब चूड़ी पर की गई वृद्धि नहीं घटाई गई थी। अब फिर रेट बढ़े तो सादा चूड़ी पर कारखाना संचालकों ने पैसा बढ़ा दिया। चूड़ी विक्रेता इस समय वृद्धि को तैयार नहीं है। -आलिंद अग्रवाल, चूड़ी व्यापारी
गैस का एक बिल बढ़ी हुई रेट पर आ जाए तो कारखाना संचालक चूड़ी पर तुरंत रेट बढ़ा देते हैं और गैस की रेट घटे तब नहीं घटाते हैं यह हठधर्मिता है। बाहर की मंडियों से इस समय ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। जैसे-तैसे चूड़ी का काम चलाया जा रहा है ऐसे में मूल्यवृद्धि करना उचित नहीं है। चूड़ी उत्पादकों को बाजार की स्थिति देखते हुए मूल्यवृद्धि करनी चाहिए। -वसंत उपाध्याय, महामंत्री चूड़ी विक्रेता संघ
गैस की रेट जिस तरह से बढ़ रही है और कच्चा माल महंगा हो रहा है उससे चूड़ी बाजार में उथल-पुथल की स्थिति है। जुड़ाई की नई दरें एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी और गैस के रेट और बढ़ने की आशंका है इससे चूड़ी व्यापारी इस समय खरीदारी तो कर रहे हैं लेकिन बाजार में अनिश्चय की स्थिति से परेशान भी हैं। -अनुराग गर्ग, चूड़ी गोदाम संचालक